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ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योति निरंजन का बड़ा बयान

सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से खुशबू कभी आ नहीं सकती कागज के फूलों से ‘ ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योति निरंजन का बड़ा बयान।

हमने जो आंदोलन किया था गोलियां खाई थी आज उसे बनता हुआ देख रहे हैं जबकि काशी विश्वनाथ जी का तो नंदी महाराज ही साक्ष्य हैं जिधर को मुंह किए बैठे हैं उधर शंकर जी विराजित हैं।

सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान पर कसा तंज कहा अब जो लोग कह रहे हैं गड़े मुर्दे उखाड़ने की क्या जरूरत है तो जो हमारे मंदिरों को तोड़कर मस्जिदे बनाई गई हैं वह हमारे आराध्य स्थान है और हम चाहेंगे कि हमारे आराध्य स्थान हिन्दू के पक्ष में हो।

अयोध्या के राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाली साध्वी निरंजन ज्योति ने अयोध्या में काशी की ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर बड़ी बात कही है जरा सुनिए केंद्रीय मंत्री ज्योति निरंजन का यह शायराना अंदाज कहती है ” सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से खुशबू कभी आ नहीं सकती कागज के फूलों से ‘ यह शायरी उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर अपने तथ्यों को मजबूती देने के लिए इस्तेमाल किया और इसी के साथ अयोध्या का उदाहरण भी साथ में दे दिया अयोध्या का उदाहरण देते हुए ज्योति निरंजन कहती हैं हम लोगों ने आंदोलन किया था चरम पर गया था गोलियां भी खाई कितने लोग शहीद हुए आज वह हमारे सामने ही बन रहा है जबकि काशी विश्वनाथ जी का तो नंदी महाराज ही साक्ष्य हैं जिधर को मुंह किए बैठे हैं उधर शंकर जी विराजित हैं।

इसी के साथ उन्होंने इशारों इशारों में सरसंघचालक मोहन भागवत के ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर दिए गए बयान पर भी तंज कसा कहा मुझे लग रहा है ऐसे जो स्थान हैं अब जो लोग कह रहे हैं गड़े मुर्दे उखाड़ने की क्या जरूरत है तो जो हमारे मंदिरों को तोड़कर मस्जिदे बनाई गई हैं वह हमारे आराध्य स्थान है और हम चाहेंगे कि हमारे आराध्य स्थान हिन्दू के पक्ष में हो ।

ज्योति निरंजन ( केंद्रीय मंत्री )… “सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से खुशबू कभी आ नहीं सकती कागज के फूलों से ‘ तो वहां सच्चाई थी वहां सबूत है सबूत के आधार पर कोर्ट ने आदेश किया और जिसके लिए हम लोगों ने आंदोलन किया था चरम पर गया था आंदोलन गोलियां भी खाई कितने लोग शहीद हुए आज वह हमारे सामने ही बन रहा है तो काशी विश्वनाथ जी का तो नंदी महाराज ही साक्ष्य हैं जिधर को मुंह किए बैठे हैं उधर शंकर जी विराजित हैं तो मुझे लग रहा है ऐसे जो स्थान हैं अब जो लोग कह रहे हैं गड़े मुर्दे उखाड़ने की क्या जरूरत है तो जो हमारे मंदिरों को तोड़कर मस्जिद ए बनाई गई हैं वह हमारे आराध्य स्थान है और हम चाहेंगे कि हमारे आराध्य स्थान हिन्दू के पक्ष में हो ।

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