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दर्शनार्थियों से अभद्रता के आरोप राम मंदिर ट्रस्ट ने कहा कर्मचारियों को लेना चाहिए धैर्य से कार्य

राम मंदिर दर्शन के दौरान पुलिस पर लगे दर्शनार्थियों से अभद्रता के आरोप राम मंदिर ट्रस्ट ने कहा कर्मचारियों को लेना चाहिए धैर्य से कार्य चिलचिलाती धूप और 40 से 45 डिग्री के बीच का तापमान राम मंदिर दर्शन के लिए लगी लंबी लाइन इस सभी के बीच दर्शनार्थियों से अभद्रता अयोध्या में यह सब आए दिन की बात हो गई है शुक्रवार को भी दिल्ली से आए परिवार की महिलाओं के साथ सुरक्षा ड्यूटी में तैनात महिला पुलिस कर्मियों ने मारपीट की ऐसा आरोप दर्शन मार्ग पर महिलाएं और उनका परिवार चीख -चीख कर लगा रहे थे और चोटों के निशान दिखा रहे थे हालांकि इस बारे में किसी भी सुरक्षा अधिकारी ने बोलने को तैयार नहीं हुआ लेकिन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय ने यह कहकर इस मामले को और बड़ा कर दिया की कुछ ऐसे पुलिसकर्मी आ जाते हैं जो उनके ऑफिस में भी दर्शनार्थी और लोगों को घुसने नहीं देते लिहाजा उच्च पुलिस अफसरों को राम मंदिर पर तैनात कर्मियों को समझाना चाहिए और दर्शनार्थियों से व्यवहार को लेकर ब्रीफिंग देनी चाहिए ।

पूजा ( दर्शनार्थी )…. हम लोग दिल्ली से हैं अयोध्या दर्शन करने पूरा परिवार आया है सब लाइन में लगे थे दीदी का बच्चा रो रहा था मैंने कहा दीदी तुम किनारे बैठ जाओ मैं लाइन में लगी हूं दीदी को साइड में बैठा दिया इतने में मैडम निकल कर आई आते ही धक्का दिया जिससे चूड़ी भी टूट गई मैंने कहा मैडम धक्का क्यों दे रहे हैं कहां लाइन में नहीं हो मैंने कहा मैडम मैं लाइन में शुरू से हूं मैंने दीदी को बैठा दिया कि उनका बच्चा रो रहा है इसके बाद उसको भी पीटने लगी मुझको पीटने लगी मैंने दूसरी मैडम से कहा उन्होंने कहा अभी अंदर आओ फिर बताती हूं मम्मी और हम सब जब अंदर गए तो उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और तीनों मैडम मिलकर पीटने लगी जब दरवाजा खटखटाया तो नहीं खोली कहीं जो करना हो करना हो कर लो इतना पीट रही थी अंदर मेरी मम्मी को भी कितना पीटा हमारे परिवार के 16 लोग आए हैं दर्शन ही नहीं करने दे रहे हैं लेडीस पुलिस की मारने वाली सिविल वर्दी में थी एक काला कपड़ा सफेद कपड़ा कपड़ा पहन रखा है तीनों को जानती हूं जिन्होंने मुझे पीटा।

शांति देवी ( दर्शनार्थी)…. ऐसा है हम लोग लाइन में लगे हुए थे मेरी दोनों बेटियों के बच्चे रो रहे थे हम और यह थोड़ा लाइन से दूर हट गए बच्चों को चुप कराने के लिए और कहा कि तुम लोग लाइन में लगे रहो हम लोग इन को चुप करा ले गर्मी बहुत ज्यादा पड़ रही है यह जो गेट पर पुलिस वाली हैं वह आई इस को धक्का देने लगी कहा तुम लाइन से बाहर क्यों हो लाइन में जाओ यह बोली मैडम मैं लाइन में हूं लाइन से बाहर नहीं हूं बच्चा मेरा रो रहा है इसलिए यहां पर खड़ी हूं वह कहीं बोल तू बदतमीजी से कैसे बोल रही है या बोली मैं बदतमीजी से क्यों बोलूंगी इतने में उसने हाथ छोड़ दिया इस पर तो इसने हाथ पकड़ लिया हाथ कौन होती है पकड़ने वाली मैंने भी कहा मैडम तुमने उसके ऊपर हाथ क्यों छोड़ा तब उसने कहा किसने मुझसे बदतमीजी से बात की उसने कहा तुम अंदर आओ फिर बताती हूं जब नंबर है तो मैं और मेरी दूसरी बेटी और यह गई गोदी में बच्चे थे मेरे अंदर जाने पर महिला पुलिसकर्मी ने अंदर का गेट बंद कराया और इसे पकड़ कर मारने लगी इतने में मैंने कहा यह बताओ क्यों मार रही है इसके बाद उन्होंने मुझको मारा मैं उसको समझा रही हूं तीनो के तीनो मार रही थी।

प्रकाश गुप्ता ( कार्यालय प्रभारी राममंदिर ट्रस्ट )… जो आदमी आता है इतनी धूप में 5 मिनट गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही है वह जब आकर लाइन में खड़ा होता है तो स्वाभाविक तौर पर उनके अंदर आगे बढ़ने की एक इच्छा होती है इस पर थोड़ा सा सद्भावना पूर्ण व्यवहार होना चाहिए आजकल ऐसा होना चाहिए जिससे कोई यह ना महसूस हो कि मेरे प्रति उपेक्षा हो रही है या मेरे साथ अभद्रता हो रही है कुछ 1 से दो दरोगा ऐसे थे जो मेरे कार्यालय में आने से लोगों को रोक दिया करते थे कोई व्यक्ति कहता था कार्यालय पर जा रहा हूं कहते थे नहीं जा सकते कुछ ऐसे सिरफिरे कर्मचारी आ जाते हैं जो मेरे कार्यालय में आने भी नहीं देते मैं क्या करूं बताइए तो इनको शिक्षा जरूर देनी चाहिए।

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