बिहार विधान परिषद की आगामी द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया के बीच कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के बीच सीटों को लेकर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस ने विधान परिषद की पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इनमें तीन ऐसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें हैं, जहां राष्ट्रीय जनता दल भी अपने उम्मीदवार उतार चुका है। ऐसे में इन सीटों पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। विधान परिषद की कुल आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है।
कांग्रेस ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा को दोबारा उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संजय यादव को टिकट दिया गया है। इन दोनों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में फिलहाल आरजेडी की ओर से उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है। वहीं कांग्रेस ने तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए भी अपने प्रत्याशियों के नाम जारी किए हैं, जिनमें कोसी स्नातक से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक से असदुल्लाह खान को मैदान में उतारा गया है।
इन पांच उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही तीन सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है। कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में दोनों दलों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। आरजेडी ने इससे पहले छह सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी और बाकी सीटों को लेकर फैसला बाद में करने की बात कही थी। कांग्रेस की ताजा सूची के बाद अब तीन सीटों पर दोनों सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि यहां से मदन मोहन झा मौजूदा विधान पार्षद हैं और पार्टी ने उन्हें फिर से मैदान में उतारा है। कांग्रेस की ओर से जारी सूची में उनके नाम के अलावा चार अन्य उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया है। इस फैसले के बाद विधान परिषद की इन आठ सीटों पर चुनावी तस्वीर पहले की तुलना में ज्यादा स्पष्ट हो गई है।
बिहार विधान परिषद की इन सीटों पर होने वाला चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग प्रक्रिया के तहत होता है। इस बार चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए मतदान होना है। मौजूदा विधान पार्षदों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होने वाला है, जिसके कारण इससे पहले इन सीटों पर चुनाव कराया जा रहा है। मतदान 23 अक्टूबर को निर्धारित है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के लिए संबंधित मतदाता के पास भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की स्नातक डिग्री कम से कम तीन वर्ष पुरानी होनी चाहिए और वह संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए। इसके साथ ही उसका नाम संबंधित मतदाता सूची में दर्ज होना जरूरी है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक विद्यालय, कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले और संबंधित मतदाता सूची में पंजीकृत लोग मतदान कर सकते हैं।
कांग्रेस और आरजेडी के बीच एक ही गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद विधान परिषद चुनाव में अलग-अलग उम्मीदवारों के मैदान में आने से दोनों दलों के बीच चुनावी तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भी विधान परिषद की इन सीटों को लेकर सहयोगी दलों के बीच अलग-अलग स्तर पर उम्मीदवार घोषित किए जाने की स्थिति सामने आई थी। अब कांग्रेस की पांच उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद तीन सीटों पर मुकाबला सीधे तौर पर दोनों दलों के प्रत्याशियों के बीच होगा।
अब 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान पर सभी की नजर रहेगी। खास तौर पर कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना स्नातक सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण रहेगा। वहीं दरभंगा शिक्षक और पटना शिक्षक सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशियों के सामने आरजेडी की ओर से उम्मीदवार नहीं उतारे गए हैं। चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ नामांकन और अन्य औपचारिकताओं के बाद सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है
