
भारतीय शेयर बाजार हाल के दिनों में कमजोर निवेश भावना और गिरते मूल सूचकांकों के बीच सतर्कता का माहौल बना रहा, लेकिन इसी गिरावट के बीच कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों ने अपने 52-वीक (सालाना) उच्चतम स्तर को छूकर निवेशकों को आश्चर्यचकित किया है। मंगलवार, 13 जनवरी 2026 के कारोबारी सत्र में जैसे-तैसे बाजार दबाव में रहा और बीएसई सेंसेक्स तथा निफ्टी 50 दोनों सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए, वहीं कुछ स्टॉक्स ने शानदार मजबूती दिखाई।
विश्लेषण के अनुसार उन कंपनियों में नेशनल एल्युमिनियम कंपनी (National Aluminium Company) शामिल है, जिसके शेयर ने 359.65 रुपये के स्तर को छूकर साल का नया उच्चतम मूल्य बनाया। इस शेयर ने पिछले एक महीने में करीब 28% की तेजी दिखाई, जो विपरीत बाजार रुझान के बीच निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे रहा है।
दूसरी तरफ वेदांता (Vedanta) के शेयर भी दबाव के बावजूद मजबूती दिखाते हुए ₹642.5 के उच्च स्तर तक उभरे, जिससे यह भी 52-वीक हाई पर पहुँच गया। ‘डिविडेंड किंग’ के नाम से मशहूर वेदांता ने पिछले एक महीने में लगभग 17% की बढ़त दर्ज की है, जो इसे गिरते बाजार में एक आकर्षक स्टॉक बनाता है।
बैंकिंग क्षेत्र से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने भी निवेशकों की नजरें खींचीं। इसका शेयर ₹1,029.4 को छूते हुए अपने 52-वीक हाई स्तर पर पहुँचा, जो वित्तीय क्षेत्र में मजबूती का संकेत है, खासकर तब जब व्यापक बाजार मंदी का सामना कर रहा है।
इसके अलावा, ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर (Athum Investment & Infrastructure Ltd) का शेयर भी शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग 7.60% की तेजी दर्ज कर 683.5 रुपये के स्तर पर अपने 52-वीक उच्च तक पहुँचा, जबकि एल्केम लेबोरेट्रीज़ (Alkem Laboratories) का शेयर भी लगभग 5,933 रुपये के स्तर तक बढ़कर साल का सर्वश्रेष्ठ स्तर छूने में सफल रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे 52-वीक हाई स्तर तक पहुंचने वाले शेयरों का प्रदर्शन आमतौर पर निवेशकों के मजबूत विश्वास, बेहतर कंपनी के fundamentals और संभावित उभरते व्यापार अवसरों को दर्शाता है। हालांकि पूरे बाजार में गिरावट का रुख है, लेकिन इन शेयरों की outperformance यह संकेत देती है कि कुछ क्षेत्रों या कंपनियों में निवेशकों को अच्छी संभावनाएँ दिख रही हैं।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, गिरते बाजार में भी प्रतिरोधी कंपनियों के शेयरों का यह मजबूत प्रदर्शन निवेशकों के दिल में विश्वास जगाता है और लंबे समय तक निवेश के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, जोखिमों के कारण सलाह दी जाती है कि निवेश से पहले निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्यों और रिस्क प्रोफाइल को ध्यान में रखें।
इस प्रकार, जहां शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे, वहीं कुछ चुनिंदा कंपनियों ने अपने 52-वीक उच्च स्तर को छूकर यह संदेश दिया कि कमजोर बाजार के बावजूद भी मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियाँ निवेशकों को अवसर प्रदान कर सकती हैं।



