भारतीय प्राइमरी शेयर मार्केट में IPO (Initial Public Offering) की गतिविधियाँ इस बार फिर सक्रिय हो गई हैं, क्योंकि सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने पाँच कंपनियों को अपने IPO की मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी निवेशकों और बाजार दोनों के लिए एक संकेत है कि नए पूंजी जुटाने वाले इश्यू जल्द ही भारतीय शेयर बाजार में प्रवेश करेंगे और इससे मार्केट में तरलता और विकल्प बढ़ेंगे।
सेबी के इस सप्ताह के निर्णय में जिन कंपनियों को IPO के लिए “ऑब्ज़र्वेशन लेटर” मिला है उनमें प्रमुख नाम हैं — ड्यूरोफ्लेक्स (Duroflex), प्रीमियर इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन (Premier Industrial Corporation), विरुपक्ष ऑर्गेनिक्स (Virupaksha Organics), हेक्सागन न्यूट्रिशन (Hexagon Nutrition) और ओम पॉवर ट्रांसमिशन (Om Power Transmission)। इन अनुमोदनों के साथ अब ये कंपनियाँ IPO प्रक्रिया के अगले चरण — जैसे कि प्राइस बैंड तय करना, पुख्ता मार्केटिंग और निवेशकों तक दस्तावेज़ पहुँचाना — की ओर बढ़ सकती हैं।
सबसे पहले ड्यूरोफ्लेक्स कंपनी को 12 फरवरी को SEBI की मंजूरी मिल गई है। यह कंपनी अपनी IPO में फ्रेश इश्यू के साथ OFS (Offer For Sale) भी लाएगी, यानी प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक कुछ शेयर बाजार में बेचेंगे। कंपनी का बिज़नेस मुख्य रूप से मैट्रेस, फर्नीचर और बेडिंग एक्सेसरीज़ से जुड़ा है, और इससे पूंजी जुटाने का मकसद विस्तार योजनाओं को पूरा करना है।
विरुपक्ष ऑर्गेनिक्स इस सूची में दूसरा नाम है, जिसे SEBI ने 740 करोड़ रुपये तक के IPO के लिए अनुमति दी है। इस मामले में सभी शेयर फ्रेश इश्यू के रूप में जारी होंगे, जिसका अर्थ है कि प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे, बल्कि कंपनी सीधे बाजार से नई पूंजी जुटाएगी। कंपनी फार्मा और रिसर्च सेक्टर से जुड़ी है और संभावित निवेशकों को इसके ग्रोथ प्लानिंग पर भरोसा जताना है।
इसके साथ ही हेक्सागन न्यूट्रिशन को भी SEBI की मंज़ूरी दे दी गई है, लेकिन इस प्रस्तावित IPO में सिर्फ OFS का इस्तेमाल होगा। इसका मतलब है कि यह कंपनी मार्केट से नई पूंजी नहीं जुटाएगी; इसके बजाय प्रमोटर्स शेयरबाजार में अपने शेयर बेचकर निवेशकों को मौका देंगे। कुल 30,859,704 इक्विटी शेयर OFS के तहत ऑफ़र किए जाएंगे, जिससे कंपनियों के प्रमोटर्स को अपनी हिस्सेदारी उभारने का मौका मिलेगा।
प्रीमियर इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन को भी SEBI की ओर से IPO की मंज़ूरी मिल चुकी है। यह कंपनी फ्रेश इश्यू और OFS दोनों को लाने वाली है। इसके तहत 2.79 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में उतारे जाएंगे, जिसमें 2.25 करोड़ शेयर नए होंगे और लगभग 54 लाख शेयर OFS के तहत ऑफ़र होंगे। इसका उद्देश्य विस्तार योजनाओं के लिए पूंजी जुटाना और कंपनी के वित्तीय ढांचे को मजबूत करना है।
अंत में ओम पॉवर ट्रांसमिशन का नाम भी IPO मंजूरी सूची में शामिल है। हालांकि इसके बारे में थोड़ी कम जानकारी उपलब्ध है, लेकिन यह कंपनी भी IPO के जरिए पूंजी जुटाने की योजना बना रही है और SEBI की मंजूरी मिलने के बाद इसके आगे के IPO चरण की तैयारी करेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि IPO मंजूरी में यह उछाल 2026 के लिए प्राइमरी मार्केट की मजबूत रिकवरी का संकेत है और यह दर्शाता है कि कंपनियाँ आर्थिक वृद्धि और विस्तार के लिए सार्वजनिक बाजार का सहारा लेना चाहती हैं। विशेषज्ञ यह भी जोड़ते हैं कि भारतीय IPO मार्केट में इस वर्ष अभी तक 190 से अधिक कंपनियाँ SEBI से मंजूरी प्राप्त कर चुकी हैं या इंतज़ार में हैं, जिनके मिलकर लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक पूंजी जुटाने की योजना है। इससे यह साफ़ होता है कि IPO मार्केट 2026 में भी काफी सक्रिय रहेगा।
