
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस केस में तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया
बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव को एक लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस (चालान लोप) मामले में आज दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा है। यह मामला वर्षों पुराना है और इसमें अदालती प्रक्रिया कई बार बदल चुकी है। राजपाल यादव ने कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण अब जेल की सजा भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत 2010 में हुई जब राजपाल यादव ने ‘अता पता लापता’ नामक फिल्म बनाने के लिए मुर्गली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह से फ्लॉप रही और राजपाल यादव उस कर्ज़ को चुका नहीं पाए। इसके बाद उन्होंने लोन वापस करने के लिए कुछ चेक जारी किए, जो बाद में बाउंस (अमान्य) साबित हो गए। कंपनी ने इसके खिलाफ अदालत में मामला दर्ज कराया और राजपाल यादव तथा उनकी पत्नी दोनों पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत मुकदमा शुरू किया गया।
निचली अदालत ने 2019 में यह मामला सुना और राजपाल यादव तथा उनकी पत्नी को दोषी ठहराकर 6 महीने की जेल सजा सुनाई। हालांकि बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने यह सजा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी, बशर्ते कि एक्टर मामले का निपटारा करेंगे और लोन की राशि का भुगतान करेंगे। तब से कोर्ट ने बार-बार उन्हें समय दिया, लेकिन राजपाल यादव समय पर भुगतान नहीं कर पाए और कई अवसरों पर अपने वादों को पूरा नहीं किया।
दिल्ली हाईकोर्ट की डिंड रजिस्ट्री में यह मामला लंबे समय तक चला और न्यायालय ने कई मौकों पर राजपाल यादव को समय दिया ताकि वे भुगतान कर सकें। प्रयत्न के तहत उन्होंने कुछ डिमांड ड्राफ्ट जमा तो करवाए, लेकिन बड़ी राशि का भुगतान नहीं हो पाया। कोर्ट ने देखा कि कोर्ट के निर्देशों और समझौतों का पालन न करके एक्टर ने कई बार कोर्ट के भरोसे को तोड़ा और बार-बार मोहलत मांगने की कोशिश की, लेकिन समय पर भुगतान या अंतिम निपटान नहीं कराया। इसीलिए दिल्ली हाईकोर्ट ने सत्र के दौरान सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अब और मोहलत नहीं दी जा सकती। एक आदेश में कोर्ट ने राजपाल यादव को 2 फरवरी, 2026 को तिहाड़ जेल में 4 फरवरी तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।
राजपाल यादव का वकील अदालत में यह दलील देता रहा कि एक्टर अपनी स्थिति को ठीक करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और उसने एक हिस्से की रकम ₹50 लाख तक जमा करने का प्रयास किया, लेकिन कोर्ट ने यह अनुरोध खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि कोर्ट में भरोसे को बनाए रखना जरूरी है और बार-बार मोहलत देने से जिन लोगों के अधिकार प्रभावित होते हैं उनका नुकसान हो जाता है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि विशेष परिस्थितियों को बनाकर मोहलत नहीं दी जा सकती, भले ही आरोपी फिल्म इंडस्ट्री से हो, क्योंकि न्याय सबके लिये समान रूप से लागू होता है।
आज, हाईकोर्ट की यह सख्त रुख और मोहलत न मिलने के बाद, राजपाल यादव ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया है और अब वह अपनी छह महीने की सजा पूरी करेंगे। सूत्रों के अनुसार, आज दोपहर लगभग 4 बजे उन्होंने जेल में आत्मसमर्पण किया और सामान्य जेल प्रक्रिया के तहत उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। जेल प्रशासन इस प्रक्रिया की पूरी औपचारिकता निभा रहा है।
इस घटना ने बॉलीवुड में हलचल मचा दी है क्योंकि राजपाल यादव एक लंबे समय से फिल्म-इंडस्ट्री में सक्रिय कलाकार रहे हैं, और यह मामला उनके करियर पर और सार्वजनिक छवि पर प्रभाव डालता है। हालांकि वह कई फिल्मों में अपनी कॉमिक प्रतिभा के लिये प्रसिद्ध हैं, लेकिन इस प्रकार के कानूनी विवाद उनकी पेशेवर सफलता को प्रभावित कर सकते हैं।



