कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शनिवार को दिल्ली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने युवा आंदोलन और पार्टी के प्रदर्शनों के समर्थन के लिए ममता बनर्जी का आभार जताया। हालांकि, INDIA ब्लॉक की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली को समर्थन देने के बावजूद CJP ने इसमें औपचारिक रूप से शामिल नहीं होने का फैसला किया है।
अभिजीत दिपके ने बताया कि वह ममता बनर्जी से खास तौर पर धन्यवाद देने के लिए मिले थे। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक के मुद्दे पर CJP के पहले जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान ममता बनर्जी ने युवाओं का समर्थन किया था। इतना ही नहीं, जब संगठन के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तब भी ममता बनर्जी उनके साथ खड़ी रही थीं।
दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी INDIA ब्लॉक की रैली के मुद्दे का समर्थन करती है और कथित वोट चोरी के खिलाफ उठाई जा रही आवाज के साथ खड़ी है। लेकिन संगठन अपनी स्वतंत्र पहचान और निष्पक्ष छवि बनाए रखना चाहता है। इसी वजह से CJP रामलीला मैदान में होने वाले विपक्षी दलों के प्रदर्शन में औपचारिक रूप से हिस्सा नहीं लेगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कॉकroach जनता पार्टी एक स्वतंत्र संगठन है और वह अपने तटस्थ मंच की पहचान को बरकरार रखना चाहती है। दिपके के मुताबिक, किसी एक राजनीतिक गठबंधन या दल के साथ जुड़ने के बजाय संगठन का समर्थन उन सभी लोगों और संस्थाओं को रहेगा, जो कथित चुनावी गड़बड़ियों और वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
ममता बनर्जी ने भी अभिजीत दिपके और उनके साथ आए युवा कार्यकर्ताओं की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने आंदोलन में अहम भूमिका निभाई है और वे इस मुहिम के शुरुआती लोगों में शामिल हैं। ममता ने यह भी कहा कि जिस तरह युवाओं ने उनका समर्थन किया है, उसी तरह उनकी ओर से भी उन्हें पूरा सहयोग दिया गया है।
मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी ने अभिजीत दिपके और CJP के अन्य कार्यकर्ताओं को पश्चिम बंगाल आने का न्योता भी दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि संगठन के सदस्य राज्य में आकर कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला संगठन को ही करना है।
INDIA ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली में विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाने वाले हैं। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। इन आरोपों को लेकर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर राजनीतिक बहस जारी है।
अभिजीत दिपके के बयान से साफ है कि CJP ने रैली में उठाए जा रहे मुद्दों से समर्थन जताया है, लेकिन किसी विपक्षी गठबंधन के मंच का हिस्सा बनने से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है। संगठन का कहना है कि चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं है और वह इस विषय पर आवाज उठाने वाले सभी संगठनों का समर्थन करेगा।
