भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अपनी पसंदीदा ऑल टाइम भारतीय टेस्ट प्लेइंग इलेवन चुनी है, जिसमें विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली। रहाणे की इस टीम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और एमएस धोनी जैसे पूर्व महान खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि रहाणे ने खुद को भी अपनी टीम में शामिल किया है।
रहाणे ने यह टीम सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के साथ बातचीत के दौरान चुनी। इस चयन की एक खास शर्त थी कि वह उन्हीं खिलाड़ियों को अपनी टीम में रख सकते थे, जिनके साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय या घरेलू क्रिकेट खेला था। ऐसे में उनकी टीम उनके क्रिकेट करियर के दौरान साथ खेलने वाले खिलाड़ियों पर आधारित है। इसे भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सभी दौर के खिलाड़ियों की अंतिम या सर्वश्रेष्ठ टीम के रूप में नहीं, बल्कि रहाणे की व्यक्तिगत पसंद के तौर पर देखा जाना चाहिए।
ओपनिंग की जिम्मेदारी रहाणे ने मुरली विजय और शिखर धवन को सौंपी है। तीसरे नंबर पर राहुल द्रविड़ को जगह मिली है, जबकि चौथे नंबर के लिए उन्होंने सचिन तेंदुलकर को चुना। इस फैसले के कारण विराट कोहली को टीम में जगह नहीं मिल सकी। पांचवें नंबर पर रहाणे ने खुद को रखा है और छठे नंबर पर एमएस धोनी को शामिल किया है।
रहाणे ने एमएस धोनी को टीम का कप्तान और विकेटकीपर भी बनाया है। धोनी उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के पहले कप्तान थे, इसलिए इस चुनाव के पीछे व्यक्तिगत जुड़ाव भी एक वजह माना जा रहा है। धोनी ने भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी करते हुए कई अहम मुकाबलों में नेतृत्व किया था। रहाणे की चुनी हुई टीम में उन्हें बल्लेबाजी के साथ-साथ नेतृत्व और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी दी गई है।
ऑलराउंडर और स्पिन गेंदबाजी के लिए रहाणे ने रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन को चुना है। दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय टेस्ट टीम के लिए लंबे समय तक अहम भूमिका निभाई है। जडेजा अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग के लिए जाने जाते हैं, जबकि अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी ऑफ स्पिन से कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं। इन दोनों को शामिल कर रहाणे ने अपनी टीम में स्पिन और ऑलराउंड विकल्पों का संतुलन बनाया है।
तेज गेंदबाजी आक्रमण में रहाणे ने भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा को चुना है। इस चयन में जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल नहीं है, जो हाल के वर्षों में भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजों में रहे हैं। रहाणे की पसंद में ऐसे गेंदबाजों को जगह मिली है, जिनके साथ उन्होंने भारतीय टीम के अलग-अलग दौर में क्रिकेट खेला और विदेशी परिस्थितियों में भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत होते देखा।
रहाणे ने जुलाई 2026 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की थी। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 85 मैच खेलकर 5,077 रन बनाए और उनका बल्लेबाजी औसत 38.46 रहा। वह 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत के दौरान कप्तान भी रहे थे। ब्रिस्बेन में मिली जीत उस दौरे के यादगार पलों में शामिल रही, जहां भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी।
रहाणे की ऑल टाइम टेस्ट XI में मुरली विजय, शिखर धवन, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, अजिंक्य रहाणे, एमएस धोनी, रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा शामिल हैं। विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे नामों की गैरमौजूदगी से क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा होना स्वाभाविक है, लेकिन रहाणे की टीम उनके अपने अनुभव और साथ खेले खिलाड़ियों की शर्त पर आधारित है।
