Site icon Prsd News

जयपुर ट्रिप के बहाने बुलाया, 22 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर की हत्या; 5 गिरफ्तार, 1 नाबालिग हिरासत में

images 6 18

दिल्ली से जयपुर जाने के लिए ऑफलाइन टैक्सी बुकिंग स्वीकार करना 22 वर्षीय टैक्सी चालक आशीष पाल के लिए मौत का सफर बन गया। पुलिस के अनुसार, कुछ युवकों ने जयपुर जाने के बहाने टैक्सी बुक की थी और शुरुआती जांच में सामने आया कि वे कथित तौर पर वाहन लूटने की योजना बनाकर निकले थे। यात्रा के दौरान किराए को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद आशीष के साथ मारपीट की गई और कथित तौर पर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी गई। बाद में शव को राजस्थान के एक जंगल क्षेत्र में फेंक दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, मृतक आशीष पाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के औरैया के रहने वाले थे और दिल्ली में टैक्सी चलाते थे। उन्होंने 20 जुलाई को सरिता विहार से जयपुर के लिए ऑफलाइन बुकिंग ली थी। मामला पहले राजस्थान के जयपुर ग्रामीण जिले के मोखमपुरा थाने में जीरो FIR के रूप में दर्ज हुआ, जिसके बाद जांच के लिए इसे दिल्ली के सरिता विहार थाने स्थानांतरित किया गया और वहां नियमित FIR दर्ज की गई।

जांच में सामने आया कि यात्रा के दौरान किराए को लेकर चालक और यात्रियों के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर युवकों ने आशीष की पिटाई की और फिर उनका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार में छिपाकर राजस्थान ले जाया गया और मोखमपुरा इलाके के एक वन क्षेत्र में फेंक दिया गया। पुलिस ने बाद में शव बरामद कर लिया।

मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई और टैक्सी बुकिंग की जगह, हाईवे तथा टोल प्लाजा के CCTV फुटेज खंगाले। तकनीकी निगरानी के जरिए टैक्सी की मूवमेंट को ट्रैक किया गया। दिल्ली और राजस्थान पुलिस के बीच समन्वय के बाद कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया।

पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 16 वर्षीय एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में अनिल जाट, कालूराम, सुमित, मंगल दीप उर्फ सानू और अर्जुन रिनवा शामिल हैं। पुलिस ने चोरी की गई टैक्सी भी राजस्थान से बरामद कर ली है।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और पहले से किसी वाहन को लूटने की योजना बना रहे थे। हत्या के बाद उन्होंने आशीष का मोबाइल फोन और नकदी भी इस्तेमाल की। आरोपियों ने कथित तौर पर ATM कार्ड से पैसे निकालने की कोशिश भी की और पहचान छिपाने के लिए वाहन की नंबर प्लेट हटाने का प्रयास किया।

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी हत्या के बाद टैक्सी लेकर अलग-अलग स्थानों पर घूमते रहे और पुलिस से बचने की कोशिश करते रहे। वे कुछ समय अजमेर में भी रुके और बाद में नागौर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी को जयपुर रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। अब पुलिस CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

इस घटना ने ऑफलाइन टैक्सी बुकिंग और ड्राइवरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक सामान्य जयपुर ट्रिप के तौर पर शुरू हुई यह यात्रा कथित तौर पर एक सोची-समझी लूट की साजिश और फिर हत्या में बदल गई। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों और हिरासत में लिए गए नाबालिग से पूछताछ जारी है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

Exit mobile version