असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल अपने चरम पर पहुंच चुका है और इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के एक बड़े दावे ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है। चुनावी रैली के दौरान खड़गे ने दावा किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मिलकर राज्य की 126 सीटों में से करीब 72-73 सीटें जीतेंगे और अगली सरकार बनाएंगे।
खड़गे का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में चुनाव प्रचार पूरी रफ्तार पर है। उन्होंने न सिर्फ जीत का दावा किया, बल्कि असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma पर भी तीखा हमला बोला। खड़गे ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अहंकारी और जनता से दूर हो चुकी है, जिसके चलते लोगों में बदलाव की मांग बढ़ रही है।
हालांकि, कांग्रेस के इस दावे को बीजेपी ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पहले ही यह दावा कर चुके हैं कि एनडीए गठबंधन 90 से 100 सीटें जीतकर फिर से सत्ता में वापसी करेगा। इस तरह दोनों प्रमुख दलों के दावों ने चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है, जहां हर पार्टी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है।
इस बीच, चुनावी बयानबाजी के कारण विवाद भी बढ़ता जा रहा है। बीजेपी ने खड़गे के भाषण को लेकर शिकायत दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि उनके बयान चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन कर सकते हैं। इससे साफ है कि चुनावी लड़ाई अब सिर्फ प्रचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि कानूनी और राजनीतिक टकराव का रूप भी ले चुकी है।
असम में 9 अप्रैल 2026 को मतदान होना है, जहां कुल 126 सीटों पर वोट डाले जाएंगे और बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत होगी। ऐसे में कांग्रेस का 70+ सीटों का दावा काफी बड़ा और साहसिक माना जा रहा है, खासकर तब जब पिछले चुनावों और ओपिनियन पोल में बीजेपी को बढ़त दिखाई गई है।
कांग्रेस ने अपने चुनावी अभियान में कई लोकलुभावन वादे भी किए हैं, जिनमें महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे शामिल हैं। पार्टी का मानना है कि ये मुद्दे उसे जनता के करीब ले जाएंगे और सत्ता तक पहुंचने में मदद करेंगे।
कुल मिलाकर, असम चुनाव 2026 अब सीधा मुकाबला बनता जा रहा है, जहां एक तरफ कांग्रेस का आत्मविश्वास भरा दावा है तो दूसरी ओर बीजेपी का मजबूत प्रदर्शन का भरोसा। आने वाले नतीजे ही तय करेंगे कि खड़गे का दावा हकीकत बनता है या फिर यह सिर्फ चुनावी रणनीति का हिस्सा साबित होगा।
