अयोध्या के राम मंदिर परिसर में शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया, जब मंदिर के दक्षिणी परकोटे के पास एक युवक को नमाज़ पढ़ते हुए पकड़ा गया। परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने युवक की हरकत पर तुरंत संज्ञान लिया और उसे मौके पर ही रोककर हिरासत में ले लिया। यह घटना उस समय हुई जब इलाके में श्रद्धालुओं की आवाजाही सामान्य रूप से जारी थी और सुरक्षा के कई स्तर सक्रिय थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक मंदिर क्षेत्र में पहुंचकर पहले कुछ देर चारों ओर नजरें घुमाता रहा, इसके बाद वह दक्षिणी हिस्से में जाकर नमाज़ की मुद्रा में बैठ गया। सुरक्षा कर्मियों ने जैसे ही उसकी गतिविधि पर ध्यान दिया, तुरंत उसे घेरकर पूछताछ शुरू कर दी। बताया गया है कि युवक के पास से कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले जाया है, जहाँ उससे उसकी पहचान, यात्रा का उद्देश्य, और मंदिर परिसर में आने के पीछे की मंशा को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक अकेले आया था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस उसके फोन रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की भी विस्तृत जांच कर रही है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राम मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख़्त रखा गया है। मल्टी-लेयर सुरक्षा, मेटल डिटेक्टर, CCTV निगरानी और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बावजूद युवक का इस तरह संवेदनशील क्षेत्र तक पहुँच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंताजनक माना जा रहा है। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि सुरक्षा में आखिर चूक कहाँ हुई और क्या यह एक प्रायोजित प्रयास था या व्यक्तिगत स्तर पर की गई हरकत।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट दोनों ने सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। मंदिर परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर जांच और कड़ी की गई है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर धार्मिक रूप से संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
