उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव के पास डीजल से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि खंभा टूट गया और उसके बाद टैंकर में भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही पलों में पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भयभीत होकर घरों से बाहर निकल आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। टैंकर में बड़ी मात्रा में डीजल होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास का क्षेत्र धुएं से भर गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग बुझाई जा सकी, लेकिन तब तक टैंकर पूरी तरह जल चुका था और उसमें मौजूद तीनों लोगों की जान जा चुकी थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके कारण टैंकर सीधे बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर के बाद बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई और सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित क्षेत्र की बिजली तत्काल बंद कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा उनके परिजनों को घटना की सूचना दी जा रही है।
हादसे के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोककर राहत और बचाव कार्य कराया। दमकल कर्मियों ने काफी देर तक आग बुझाने का अभियान चलाया, क्योंकि टैंकर में मौजूद डीजल के कारण आग लगातार फैलने का खतरा बना हुआ था। बाद में क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटाकर यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया गया।
प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना चालक की लापरवाही, वाहन में तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुई। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि टैंकर सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर रहा था या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थों से भरे वाहनों के संचालन में अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद आवश्यक होता है। ऐसे वाहनों से जुड़ी छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, भारी वाहनों की निगरानी और खतरनाक पदार्थों के सुरक्षित परिवहन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे गति सीमा का पालन करें और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान पर्याप्त सावधानी बरतें, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
