बांग्लादेश के राजबारी जिले (Rajbari district) में शुक्रवार को एक दुखद और हिंसक घटना सामने आई, जिसमें एक हिंदू व्यक्ति की जान चली गई। स्थानीय मीडिया और पुलिस के अनुसार, 30 वर्षीय रिपन साहा (Ripon Saha) नामक व्यक्ति कार से जानबूझकर कुचल दिया गया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। घटना सदर उपजिला के कारीम फ्यूल स्टेशन के पास हुई जहां रिपन काम करता था। पुलिस अधिकारी खोंडकर ज़ियार अहमद रहमान ने बताया कि रिपन ने ईंधन के भुगतान को लेकर विवाद उठाया था, जिसके बाद वाहन चालक ने उसे वाहन से टक्कर मार दी और गंभीर रूप से घायल कर दिया। बाद में अस्पताल ले जाने पर रिपन की मृत्यु हो गई और पुलिस ने वाहन और चालक अबुल हाशेम को गिरफ्तार कर लिया है।
यह घटना उस बड़ी तस्वीर का हिस्सा है जिसमें बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और हमलों के बारे में चिंता जताई जा रही है। पिछले कुछ हफ्तों में हिंदू समुदाय के कई सदस्यों पर भीड़ के हमले, लिंचिंग और हिंसात्मक घटनाओं की रिपोर्टें सामने आई हैं, जिनमें से कुछ अत्यंत क्रूर क़दमों तक पहुँच गए। उदाहरण के तौर पर दीपू चंद्र दास नामक 27 वर्षीय गारमेंट वर्कर को कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने बेरहमी से मार डाला और आग लगा दी थी, जबकि अन्य मामलों में भी हिंदू नागरिकों को निशाना बनाया गया है, जिससे अल्पसंख्यकों के सुरक्षा और अधिकारों पर गंभीर सवाल उठे हैं।
इस घटना ने बांग्लादेश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समाज का ध्यान आकर्षित किया है, जिनका कहना है कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा रोकने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
