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बीएचयू में छात्रों के दो गुटों के बीच भयंकर झड़प: पत्थरबाजी, भारी पुलिस फोर्स और ड्रोन निगरानी

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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के रुइया हॉस्टल और बिरला हॉस्टल के छात्रों के बीच गुरुवार शाम एक गंभीर झड़प हुई, जिसमें पत्थरबाजी और जमकर मारपीट की घटना दर्ज की गई। यह विवाद उस पुराने घटना को लेकर बढ़ा, जो पिछले जन्माष्टमी पर दोनों हॉस्टलों के छात्रों के बीच हुई थी, और आज वही पुराना तना आज फिर सामने आ गया। काशी जोन के पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल ने बताया कि आज दो छात्र समूहों के बीच हुए झगड़े की सूचना पर भारी पुलिस बल, प्रदेशिक सशस्त्र सुरक्षा बल (PAC), RRF और स्थानीय थानों की फोर्स को तुरंत तैनात किया गया। इस बीच वहाँ ड्रोन निगरानी के माध्यम से हॉस्टल के ऊपर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

झड़प की मुख्य वजह छात्रों के पुराने विवाद को बताया जा रहा है, जिसमें कुछ छात्रों ने एक दूसरे पर पत्थरबाजी की और हाथापाई शुरू हो गई। खबरों के अनुसार, इस झड़प में कम-से-कम एक छात्र गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद कई छात्र परिसर के अंदर भाग निकले और शांति बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

स्थानीय पुलिस उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ ऐसे पूर्व छात्र, जो अब भी बिना अनुमति परिसर में रह रहे थे, झड़प के दौरान शामिल रहे और कुछ के नाम घायल छात्र ने बताये हैं। इसलिए सुरक्षा बल प्रत्येक कमरे की तलाशी ले रहा है और अनधिकृत छात्रों को पहचानकर निकालने का काम जारी है। यदि कोई छात्र अनधिकृत पाया जाता है, तो उसके कमरे को सील किया जायेगा।

पुलिस के साथ-साथ ड्रोन सर्विलांस का उपयोग नौकरियों की निगरानी के लिए किया जा रहा है, जिससे हॉस्टल की छतों पर किसी भी तरह की अप्रिय गतिविधि पर नजर रखी जा सके। यह कदम विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस दोनों को सुरक्षा सुनिश्चित करने और हालात को नियंत्रण में रखने में मदद कर रहा है।

बीएचयू जैसी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था में इस तरह के झगड़े की खबर मिलने पर प्रशासन ने बताया है कि वे स्थिति को शांत करने के साथ-साथ दोनों पक्षों से बातचीत भी कर रहे हैं। फिलहाल मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है और शांति बहाल करने के प्रयास चल रहे हैं।

कुल मिलाकर यह घटना यह दर्शाती है कि यदि पुराने मतभेद समय रहते सुलझा न किये जाएँ तो वे बड़े स्तर की हिंसा में बदल सकते हैं, जो न केवल छात्रों की सुरक्षा को प्रभावित करते हैं बल्कि शैक्षणिक माहौल को भी बिगाड़ते हैं।

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