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बिहार में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का दूसरा चरण शुरू

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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 जनवरी 2026 को राज्य की सरकारी योजना ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के दूसरे चरण (Phase 2) की शुरुआत कर दी है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के पहले चरण में हर परिवार की एक महिला को ₹10,000 की प्रारंभिक सहायता दी गई थी, जिससे उन्होंने अपना स्वरोजगार शुरू किया था। अब इसी योजना के अगले चरण में उन चयनित महिलाओं को ₹2 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपने व्यवसाय को और मजबूती से आगे बढ़ा सकें।

मुख्यमंत्री ने इस योजना को महिलाओं की आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन के लिए बड़ी पहल बताया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन महिलाओं ने पहली किश्त का सही उपयोग कर रोजगार स्थापित किया है, उन्हें और अधिक राशि प्रदान करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। इसके तहत यह अनिवार्य होगा कि पहली दी गई राशि का उपयोग व्यवसाय या स्वरोजगार के लिए प्रभावी रूप से किया गया हो। छह महीने के बाद किए गए आकलन के आधार पर, योग्य लाभुकों को ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपने उद्यम को विस्तारित कर सकें या उसे स्थिर रूप दे सकें।

गौरतलब है कि इस योजना के पहले चरण में अब तक लगभग 1.56 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में ₹10,000 की राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जा चुकी है। शेष पात्र लाभार्थियों को भी जल्द ही यह राशि उनके खातों में भेज दी जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि बिहार के भीतर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मजबूरी में पलायन की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। सरकार इन महिलाओं को पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केंद्र और ‘दीदी की रसोई’ जैसे विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और कार्यों से जोड़ेगी, ताकि उन्हें और बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। इससे ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में महिला उद्यमियों को अधिक अवसर मिलेंगे और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सक्षम होंगी।

यह योजना न केवल बिहार सरकार की महिला केन्द्रित नीतियों का प्रतीक है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव 2025-26 के दौरान महिलाओं के समर्थक वोट बैंक को मजबूत करने वाले कदमों में भी से एक मानी जा रही है। योजना ने महिलाओं में व्यापक उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया पैदा की है क्योंकि यह उनके आर्थिक जीवन में सशक्तिकरण और सम्मानजनक कार्य के अवसर लाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सही दिशा में लागू होती है तो बिहार में मासिक आय, स्वरोजगार और महिला उद्यमिता को एक नया आयाम मिलेगा, जिससे राज्य की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। राज्य सरकार का कहना है कि महिला रोजगार योजना के आगे के चरणों में और भी सुधार किए जा सकते हैं और इसे और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा।

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