नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का सबसे अहम दिन शनिवार को है। भारत की मेजबानी में हो रहे इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी पर पूरी दुनिया की नजर है। जिनपिंग सात साल बाद भारत दौरे पर आ रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक आज होने वाली है। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय हो रही है जब 2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत-चीन संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
शनिवार को BRICS नेताओं का कार्यक्रम दोपहर करीब 2 बजे भारत मंडपम से शुरू होगा। सम्मेलन के दौरान वैश्विक शासन व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर बंद कमरे में महत्वपूर्ण चर्चा होगी। इसके बाद नेता ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी का दौरा करेंगे, जहां भारत की तकनीकी और नवाचार क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा। नेताओं की सामूहिक तस्वीर और संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम भी दिन के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हैं।
आज प्रधानमंत्री मोदी का द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम भी काफी व्यस्त रहने वाला है। रिपोर्टों के अनुसार, जिनपिंग के अलावा मोदी इथियोपिया, मलेशिया, अबू धाबी और वियतनाम से जुड़े शीर्ष नेतृत्व के साथ भी बातचीत करेंगे। इन बैठकों में रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, निवेश और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की संभावना है।
सबसे ज्यादा चर्चा मोदी-जिनपिंग बैठक को लेकर है। दोनों नेताओं के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों, द्विपक्षीय व्यापार, आर्थिक सहयोग और रिश्तों में भरोसा बढ़ाने के उपायों पर बातचीत होने की संभावना है। 2024 में सीमा पर सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया और उसके बाद दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ने से रिश्तों में कुछ नरमी आई है, लेकिन सीमा विवाद और रणनीतिक अविश्वास अब भी बड़ी चुनौतियां हैं।
BRICS Summit के व्यापक एजेंडे में वैश्विक शासन, बहुपक्षवाद, आर्थिक सहयोग और बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। 11 सदस्यीय विस्तारित BRICS अब दुनिया की करीब आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे इस सम्मेलन का वैश्विक महत्व और बढ़ गया है। यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों के बीच समूह के भीतर अलग-अलग देशों के हितों को साथ लेकर चलना भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती है।
दिन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शाम करीब 7:30 बजे भव्य गाला डिनर आयोजित किया जाएगा। इससे पहले होने वाले द्विपक्षीय संवाद और BRICS की बैठकों में होने वाली चर्चाएं सम्मेलन के आगे के रुख को तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। खास तौर पर मोदी-जिनपिंग बातचीत से भारत-चीन संबंधों को लेकर आने वाले महीनों की दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है।
