Site icon Prsd News

दिल्ली से सिलीगुड़ी तक दौड़ेगी देश की सबसे लंबी बुलेट ट्रेन, वाराणसी कॉरिडोर से जुड़ेगा नया हाई-स्पीड नेटवर्क

images 25

भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को आपस में जोड़ने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। यह परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी तक सीधी बुलेट ट्रेन सेवा उपलब्ध हो सकेगी, जिसे देश के सबसे लंबे बुलेट ट्रेन मार्गों में शामिल माना जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य उत्तर भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के बीच तेज, आधुनिक और सुविधाजनक रेल संपर्क स्थापित करना है।

प्रस्तावित हाई-स्पीड नेटवर्क के तहत दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर पहले से ही राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में शामिल है, जबकि वाराणसी से सिलीगुड़ी तक नया बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पूर्वी भारत को आधुनिक रेल प्रणाली से जोड़ने का कार्य करेगा। सरकार का मानना है कि दोनों परियोजनाओं के एकीकरण से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के प्रमुख शहरों के बीच आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

योजना के अनुसार यह हाई-स्पीड रेल नेटवर्क दिल्ली से निकलकर उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों, वाराणसी, बिहार की राजधानी पटना तथा अन्य प्रमुख केंद्रों से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक पहुंचेगा। वर्तमान में जहां दिल्ली से सिलीगुड़ी की रेल यात्रा में लगभग 18 से 20 घंटे का समय लगता है, वहीं बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद यह दूरी लगभग छह घंटे में तय की जा सकेगी। इसी तरह दिल्ली से वाराणसी की यात्रा भी चार घंटे से कम समय में पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।

रेल मंत्रालय और राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे पर्यटन, व्यापार, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी व्यापक अवसर पैदा होंगे। वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी जैसे शहरों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है, वहीं पूर्वोत्तर भारत तक तेज संपर्क स्थापित होने से क्षेत्रीय विकास को भी मजबूती मिलेगी।

केंद्र सरकार ने हाल के बजट में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की थी, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर प्रमुख हैं। इन परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है और आगामी वर्षों में भूमि अधिग्रहण तथा निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य आगे बढ़ता है तो आने वाले दशक में भारत का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विश्व के अग्रणी देशों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।

इसके अलावा दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को भविष्य में अन्य प्रस्तावित कॉरिडोर जैसे अहमदाबाद-दिल्ली, दिल्ली-अमृतसर और अमृतसर-जम्मू मार्गों से जोड़ने की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं। इससे देश के विभिन्न हिस्सों में एक विस्तृत बुलेट ट्रेन नेटवर्क विकसित होगा, जो लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और अत्याधुनिक बनाएगा।

Exit mobile version