आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गाजियाबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई साहिबाबाद थाने में दर्ज वर्ष 2018 के एक पुराने मामले में हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने चंद्रशेखर आजाद को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है और उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि अदालत की कार्यवाही के दौरान उनकी गैरमौजूदगी को लेकर यह कार्रवाई की गई।
यह मामला वर्ष 2018 में साहिबाबाद थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि एक शादी समारोह के दौरान उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई थी। इसी मामले में चंद्रशेखर आजाद और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई गाजियाबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में चल रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को इस मामले में अदालत में सुनवाई हुई, लेकिन चंद्रशेखर आजाद अदालत के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में यह भी कहा गया कि चंद्रशेखर आजाद पहले भी अदालत की कार्यवाही में उपस्थित नहीं हुए हैं। इसी आधार पर उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।
मामले में शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अदालत से गिरफ्तारी वारंट के साथ-साथ ऐसी कानूनी प्रक्रिया अपनाने की मांग भी की गई थी, जिसके तहत फरार आरोपी की उद्घोषणा और उसकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने सुनवाई के दौरान चंद्रशेखर आजाद की गैरमौजूदगी को देखते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया और संपत्ति जब्ती से संबंधित आदेश भी दिया।
बताया गया है कि यह मामला एक शादी समारोह से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के आरोप के अनुसार, वर्ष 2018 में वह साहिबाबाद इलाके के वृंदावन गार्डन में एक शादी समारोह में गए थे। वहां चंद्रशेखर आजाद भी अपने कुछ समर्थकों के साथ पहुंचे थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि हथियारों को लेकर सवाल पूछने के बाद उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा धमकी भी दी गई। ये शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप हैं और मामले की कानूनी प्रक्रिया अदालत में चल रही है।
चंद्रशेखर आजाद की ओर से इस मामले में पहले भी अदालत में पेश होने की जानकारी सामने आई है। मई 2025 में वह इसी पुराने मामले में गाजियाबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में पेश हुए थे। उस समय मामला वर्ष 2018 में साहिबाबाद थाने में दर्ज मारपीट और गाली-गलौज की शिकायत से संबंधित बताया गया था।
चंद्रशेखर आजाद वर्तमान में नगीना लोकसभा सीट से सांसद हैं और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष हैं। उत्तर प्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले उनके खिलाफ अदालत की यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है, हालांकि मौजूदा वारंट एक पुराने आपराधिक मामले की न्यायिक कार्यवाही से संबंधित है।
फिलहाल अदालत की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। उपलब्ध रिपोर्ट में अदालत के आदेश और चंद्रशेखर आजाद की पिछली गैरमौजूदगी के आधार पर कार्रवाई की जानकारी दी गई है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की आगे की कार्यवाही और निर्णय पर निर्भर करेगा।
