
चीन ने अमेरिका की 20 रक्षा कंपनियों और 10 अधिकारियों पर लगाया प्रतिबंध
चीन ने अमेरिका द्वारा ताइवान को बड़े पैमाने पर हथियार बेचने के जवाब में 20 अमेरिकी रक्षा कंपनियों और 10 उच्च अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध (sanctions) लगाने की घोषणा की है। इस कदम को बीजिंग की ओर से अमेरिका-चीन रिश्तों में ताइवान मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह कार्रवाई अमेरिका के हालिया हथियार बिक्री पैकेज के विरोध में उठाया गया है, जिसमें ताइवान को लगभग $11.1 बिलियन (करीब ₹9,000 करोड़ से अधिक) के हथियार भेजने की तैयारी की गई है — यह अब तक का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य पैकेज माना जा रहा है।
क्या प्रतिबंधों में शामिल है?
• चीन ने कहा है कि इन कंपनियों और अधिकारियों की चीन में मौजूद संपत्तियाँ जमींद कर दी जाएँगी (assets freeze) और उन्हें देश के भीतर कारोबार करने या चीनी संगठनों के साथ कारोबार करने से बाधित किया जाएगा।
• प्रतिबंधित व्यक्तियों को चीन, हांगकांग और मकाउ में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
• इस सूची में Northrop Grumman Systems Corporation, L3Harris Maritime Services, Boeing (St. Louis branch) जैसे प्रमुख अमेरिकी रक्षा कंपनियाँ शामिल हैं, और Anduril Industries के संस्थापक Palmer Luckey जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी हैं।
चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि ताइवान मुद्दा चीन की “लाल रेखा” है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को वह गंभीर रूप से स्वीकार नहीं करेगा। मंत्रालय ने अमेरिका से आग्रह किया है कि वह ताइवान को हथियार देने जैसी “खतरनाक और अस्थिर” कोशिशों को रोके ताकि ताइवान स्ट्रेट में शांति और स्थिरता बनी रहे।
इसका वैश्विक प्रभाव
विश्लेषकों के अनुसार, यह प्रतिबंध प्रतिक्रिया-प्रधान और प्रतीकात्मक (symbolic) कदम माना जा रहा है क्योंकि अधिकांश अमेरिकी रक्षा कंपनियों का चीन में बड़ा व्यवसाय नहीं है। इसके बावजूद, यह अमेरिका-चीन के बीच तनाव को बढ़ाने वाला संकेत है, खासकर जब दोनों देशों के बीच ताइवान की सुरक्षा और सैन्य सहायता मुद्दे पर मतभेद और गहराते जा रहे हैं।



