बिहार के खगड़िया से एक बेहद भावुक और सियासी तौर पर अहम तस्वीर सामने आई है, जहां केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच वर्षों से चली आ रही कड़वाहट खत्म होती नजर आई। 23 मार्च को अपने पैतृक गांव शहरबन्नी पहुंचे चिराग पासवान ने पारिवारिक शोक के मौके पर न सिर्फ अपने चाचा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, बल्कि पूरे परिवार के साथ रिश्तों को फिर से जोड़ने का संकेत भी दिया।
इस दौरान सबसे भावुक पल तब देखने को मिला जब चिराग पासवान अपनी बड़ी मां राजकुमारी देवी से मिले। जैसे ही उन्होंने उनके पैर छुए, बड़ी मां ने उन्हें गले लगा लिया और चिराग खुद को संभाल नहीं पाए और रो पड़े। वहां मौजूद लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए।
वहीं, चाचा पशुपति पारस से मुलाकात ने सभी का ध्यान खींचा। लंबे समय से राजनीतिक और पारिवारिक विवाद में उलझे दोनों नेताओं के बीच जब आमना-सामना हुआ, तो चिराग ने झुककर उनके पैर छुए। इस पर पारस ने उन्हें “खुश रहो” कहकर आशीर्वाद दिया। इसके बाद दोनों के बीच कुछ देर तक बंद कमरे में बातचीत भी हुई, जिससे रिश्तों में आई दरार के खत्म होने के संकेत मिले।
चिराग पासवान ने अपने छोटे भाई प्रिंस राज से भी मुलाकात की और दोनों गले मिले। इस दौरान समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी भी की। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पहले पासवान परिवार में राजनीतिक और संपत्ति विवाद को लेकर गहरी खाई बन गई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस भावुक मिलन के बाद बिहार की राजनीति में भी नए समीकरण बन सकते हैं और पासवान परिवार एक बार फिर एकजुट हो सकता है।
