भारतीय कबड्डी के लिए 1 नवंबर का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। अहमदाबाद में आयोजित पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भारत की पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। पुरुष टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 54-20 से करारी शिकस्त दी, जबकि महिला टीम ने खिताबी मुकाबले में युगांडा को 35-15 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस तरह भारत ने टूर्नामेंट के पहले ही संस्करण में दोनों खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।
पुरुष टीम की कमान सुरजीत सिंह के हाथों में थी। भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल की शुरुआत से ही श्रीलंका पर दबाव बनाए रखा। टीम इंडिया ने पहले हाफ में 15-2 की बड़ी बढ़त हासिल कर ली थी। इसके बाद भी भारतीय खिलाड़ियों का आक्रामक खेल जारी रहा और श्रीलंका की टीम वापसी करने में नाकाम रही। भारत ने आखिरकार 34 अंकों के अंतर से मुकाबला अपने नाम किया।
भारतीय पुरुष टीम की जीत में आदित्य शिंदे सबसे बड़े स्टार रहे। उन्होंने कुल 10 अंक जुटाए, जिनमें छह टच पॉइंट शामिल थे। भरत हुड्डा ने आठ और पंकज मोहिते ने छह अंक हासिल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। डिफेंस में योगेश दहिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच टैकल पॉइंट अर्जित किए। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय पुरुष टीम अजेय रही और उसने लगातार जीत दर्ज करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया।
महिला टीम ने भी फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने युगांडा को मुकाबले में टिकने का ज्यादा मौका नहीं दिया और 35-15 के अंतर से जीत हासिल की। भारतीय खिलाड़ियों ने रेडिंग और डिफेंस दोनों विभागों में बेहतर तालमेल दिखाया। शुरुआत से ही टीम इंडिया ने बढ़त बनाए रखी और अंत तक अपनी पकड़ मजबूत रखी।
महिला टीम की ओर से साक्षी सबसे सफल खिलाड़ी रहीं। उन्होंने 10 रेड प्रयासों में नौ अंक हासिल किए। अनु सेन ने छह रेड पॉइंट जुटाए, जबकि निधि शर्मा ने बोनस पॉइंट के जरिए टीम को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाने में मदद की। भारतीय महिला टीम ने मुकाबले में कुल 20 रेड पॉइंट और 10 टैकल पॉइंट हासिल किए।
पुरुष वर्ग में भारत के बाद श्रीलंका ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि केन्या और बांग्लादेश को संयुक्त रूप से ब्रॉन्ज मेडल मिला। महिला वर्ग में युगांडा को रजत पदक हासिल हुआ, जबकि केन्या और श्रीलंका ने कांस्य पदक अपने नाम किए। दोनों वर्गों में भारतीय टीमों का दबदबा पूरे टूर्नामेंट के दौरान देखने को मिला।
इस चैंपियनशिप का आयोजन अहमदाबाद में 23 से 31 अक्टूबर तक किया गया। प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में 13 और महिला वर्ग में 10 टीमों ने हिस्सा लिया। भारत ने अपने घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों वर्गों में खिताब जीते। टूर्नामेंट का यह पहला संस्करण था, इसलिए दोनों स्वर्ण पदकों की अहमियत और भी बढ़ गई है।
भारत की इस दोहरी सफलता से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कबड्डी में देश की मजबूत स्थिति एक बार फिर सामने आई है। खास बात यह है कि भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में बिना खिताबी मुकाबला गंवाए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। खिलाड़ियों ने जीत के बाद तिरंगे के साथ जश्न मनाया और मैदान पर लैप ऑफ ऑनर भी किया।
