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CWC बैठक में कांग्रेस का बड़ा फैसला, SIR और चुनाव आयोग पर बढ़ाएगी दबाव; खड़गे-राहुल गांधी ने रखी रणनीति

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कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की मंगलवार को हुई बैठक में पार्टी ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर अपनी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की, जिसमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक कार्रवाई पर मंथन हुआ।

बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR के तहत मतदाता सूची में हुए बदलावों पर सवाल उठाए। खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी इस्तीफे की मांग की। ये कांग्रेस की राजनीतिक मांगें हैं, जबकि चुनाव आयोग ने पहले अपने फैसलों को कानूनी आधार वाला बताया है और कहा है कि किसी संस्था के भीतर अलग-अलग राय या टिप्पणियां होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।

CWC में कांग्रेस ने मतदाता सूची में किए गए बदलावों का पूरा डेटा सार्वजनिक करने की मांग रखी। पार्टी का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी जानकारी दी जानी चाहिए और उन्हें अपील का अवसर मिलना चाहिए। इसके अलावा राजनीतिक दलों को चुनावी डेटा आसान प्रारूप में समय पर उपलब्ध कराने और गंभीर विसंगतियों की स्वतंत्र तथा समयबद्ध जांच कराने की मांग भी रखी गई।

बैठक में राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर पहले उठाए गए सवालों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी ने महादेवपुरा, अलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे मामलों में डुप्लीकेट मतदाताओं, संदिग्ध पतों, एक ही पते पर बड़ी संख्या में मतदाताओं और Form-6 से जुड़ी प्रविष्टियों पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन ये आरोप कांग्रेस की ओर से किए गए दावे हैं और चुनाव प्रक्रिया पर अंतिम निष्कर्ष के रूप में इन्हें पेश नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस ने बैठक के बाद चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। पार्टी का कहना है कि वह SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को संसद से लेकर सड़क तक उठाएगी। CWC में इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ने पर भी चर्चा हुई। हालांकि आंदोलन का स्वरूप और उसकी समयसीमा अलग-अलग स्तर पर पार्टी के अगले फैसलों से स्पष्ट होगी।

इस बीच CWC की बैठक का माहौल पूरी तरह गंभीर नहीं रहा। बैठक के दौरान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई, जिस पर नेताओं के बीच हंसी का माहौल बना। बैठक में राहुल गांधी ने कथित तौर पर यह भी कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को उठाने का श्रेय केवल उन्हें नहीं बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी को जाता है।

बैठक में कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी की ओर से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों की सराहना भी की। पार्टी नेताओं के मुताबिक, इन मुद्दों को लेकर संगठन को आगे की रणनीति तय करनी है। वहीं, कांग्रेस के भीतर इस बात पर भी जोर दिया गया कि चुनावी मुद्दों को लेकर पार्टी का अभियान केवल बयानबाजी तक सीमित न रहे, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी इसे आगे बढ़ाया जाए।

चुनाव आयोग की ओर से इस पूरे विवाद पर अलग रुख सामने आया है। आयोग ने कहा है कि उसके आदेशों को कानूनी आधार प्राप्त है और संस्थागत चर्चाओं में अलग-अलग अधिकारियों की टिप्पणियां होना असामान्य नहीं है। ऐसे में कांग्रेस के आरोपों और चुनाव आयोग के पक्ष के बीच राजनीतिक तथा कानूनी विवाद आगे भी जारी रहने की संभावना है।

CWC बैठक ऐसे समय हुई है जब SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। कांग्रेस इसे मतदाताओं के अधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जोड़ रही है, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को कानूनी ढांचे के तहत बता रहा है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से आंदोलन, संसद में मुद्दा उठाने और चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक दबाव बढ़ाने से जुड़े कदमों पर नजर रहेगी।

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