राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मचा दी। हरिद्वार से इंदौर जा रही एक निजी बस अनियंत्रित होकर पहले एक ट्रेलर से टकराई और फिर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 19 अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार यह हादसा दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के विश्राम स्थल के पास तड़के करीब दो से तीन बजे के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि अधिकांश यात्री उस समय गहरी नींद में थे। अचानक हुए जोरदार टक्कर के कारण बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे खाई में जा गिरी। दुर्घटना के तुरंत बाद बस के पिछले हिस्से में आग लगने की भी सूचना मिली, जिससे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। कई यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
स्थानीय लोगों, पुलिस और राहत दलों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। घायल यात्रियों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए दौसा जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों को समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि बस की ऊपरी सीटों पर सो रहे यात्री नीचे गिर पड़े, जिससे कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। यात्रियों ने बताया कि अचानक हुए हादसे के कारण किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद कुछ समय तक एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य कर दी गई।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रेलर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के पीछे चालक की लापरवाही, तेज रफ्तार या अन्य तकनीकी कारणों की भी जांच की जा रही है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा उपायों और लंबी दूरी की बस सेवाओं में सतर्कता की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।
