राजधानी दिल्ली ने 2026 के मौसम के लिहाज से अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया है, जिससे मौसम विशेषज्ञों और आम जनता दोनों में गर्मी की असामान्य लहर को लेकर चिंता पैदा हो रही है। सोमवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि सामान्य से लगभग 7 डिग्री सेल्सियस अधिक है और यह फरवरी के मध्य महीने के मौसम के लिहाज से बेहद अनूठा और असामान्य परिदृश्य माना जा रहा है। यह जानकारी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने साझा की है।
सफदरजंग वेधशाला, जो दिल्ली का मानक मौसम स्टेशन है, ने यह रिकॉर्ड दर्ज किया है और इलाके के साथ-साथ आयानगर, लोधी रोड और रिज जैसे अन्य स्थानों पर भी दैनिक तापमान सामान्य से कहीं ऊपर पाया गया। आयानगर में तापमान 30.4 डिग्री तक गया, जबकि लोधी रोड और रिज में क्रमशः लगभग 29.2 और 28.4 डिग्री जैसे ऊँचे आंकड़े दर्ज किए गए।
इस अचानक बढ़ी गर्मी की वजह मौसम विज्ञानियों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की कमजोरी है, जिससे हिमालय से ठंडी हवाओं का प्रवाह कम हुआ और गर्म हवा का दबदबा बना रहा। इसके कारण फरवरी के दूसरे हफ्ते में ही गर्मी का अनुभव मार्च या अप्रैल जैसा होने लगा है। यह स्थिति दर्शाती है कि सर्दी का प्रभाव पहले ही कम हो गया और वसंत ऋतु आने से पहले ही तापमान में अनपेक्षित उछाल आया है।
दिल्ली में तापमान के बढ़ने के साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी खराब श्रेणी में बना रहा, जिससे स्वास्थ्य और प्रदूषण को लेकर लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। वहीं अगले कुछ दिनों में मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश और गर्जन वाली हवाओं की संभावना बनी है, जो थोड़ी राहत दे सकती है, लेकिन उसके बाद फिर से तापमान सामान्य से ऊपर ही रहने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी में ही इस तरह की गर्मी का अनुभव होना जलवायु परिवर्तन के संकेत भी हो सकते हैं, जहाँ मौसम में अनियमितता और चरम तापमान की घटनाएँ बढ़ रही हैं। ऐसे तापमान के आंकड़े यह भी संकेत देते हैं कि यदि आगे इसी तरह तापमान वृद्धि बनी रहती है तो 2026 में गर्मी के रिकॉर्ड और भी टूट सकते हैं, जिसका प्रभाव न केवल दिल्ली बल्कि पूरे उत्तर भारत के मौसम पैटर्न पर पड़ेगा।
गर्मियों के मौसम का आधिकारिक आगमन अभी कुछ समय बाद ही होता है, लेकिन इस बार फरवरी में ही इतनी प्रचंड गर्मी ने लोगों को चौंका दिया है। दिल्ली-एनसीआर में तापमान के बढ़ने का असर आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है, जिससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बुज़ुर्गों, बच्चों और मौसम-संवेदनशील लोगों को धूप में कम समय बिताने और पर्याप्त जल सेवन की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि यदि यह गर्मी का पैटर्न जारी रहा, तो मानसून के पहले ही तापमान में असामान्य वृद्धि देखने को मिल सकती है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों दोनों में हो सकता है।
इस तापमान वृद्धि और मौसम के असामान्य बदलावों ने यह साफ संकेत दिया है कि सर्दी जल्दी विदा ले रही है और गर्मी की शुरुआत अपेक्षा से पहले शुरू हो गयी है। गृहणियों, किसानों तथा अन्य पेशों से जुड़े लोगों पर इस तरह की गर्मी के प्रभावों का असर और स्वास्थ्य विभाग के अलर्टों का पालन करना आवश्यक हो गया है। इन मौसम परिस्थितियों के मद्देनजर दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट्स और चेतावनियों पर लगातार नजर रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
