दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार निरंतर जारी है और अब राजधानी के यात्री गोल्डन लाइन पर एक ऐसे इंटरचेंज हब (interchange hub) की उम्मीद कर सकते हैं जो राजीव चौक जैसे प्रमुख कनेक्शन पॉइंट की भूमिका निभाएगा। यह निर्णय विशेष रूप से फेज़-IV परियोजना के तहत मेट्रो की गोल्डन लाइन (Golden Line) के विस्तार से जुड़ा हुआ है, जिसमें दिल्ली एयरोसिटी (Delhi AeroCity) मेट्रो स्टेशन को एक बड़ा ट्रांजिट हब बनाया जाएगा, जहाँ से यात्री विभिन्न मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से ट्रांसफर कर सकेंगे।
गोल्डन लाइन, जो एयरोसिटी से तुगलकाबाद (Tughlakabad) तक जाने वाले कॉरिडोर का हिस्सा है, मेट्रो नेटवर्क को दक्षिणी दिल्ली के व्यापारिक और आवासीय इलाकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। DMRC की योजना के अनुसार, इस नए इंटरचेंज स्टेशन का निर्माण लगभग 290 मीटर लंबा किया जाएगा ताकि प्लेटफॉर्म-टू-प्लेटफॉर्म और कंकोर्स-टू-कंकोर्स कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें, जैसा कि राजधानी के मुख्य राजीव चौक स्टेशन पर यात्रियों को मिलती है।
इस बड़े हब के रूप में विकसित होने से एयरोसिटी स्टेशन पर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और गोल्डन लाइन के बीच आसान कनेक्शन मिल सकेगा, जिससे यात्रियों को दिल्ली के हवाई अड्डे से लेकर शहर के अन्य हिस्सों तक बेहतर, निर्बाध यात्रा का अनुभव मिलेगा। फीचर के तहत NCRTC के प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए भी इंटरचेंज सुविधाएँ पहले से ही संरचना में शामिल की जाएंगी, जिससे भविष्य में और भी अधिक कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी।
विशेष रूप से, प्लेटफॉर्म-टू-प्लेटफॉर्म कनेक्टिविटी यात्रियों को अलग-अलग लाइनों के बीच ट्रेन बदलने में समय बचाएगी और भीड़-भाड़ वाले इंटरचेंज स्टेशन राजीव चौक की तरह सहज, बिना संघर्ष वाला ट्रांजिट अनुभव प्रदान करेगी। यह नई सुविधा दक्षिण दिल्ली के तुगलकाबाद, अंबेडकर नगर, खानपुर जैसे इलाकों के यात्रियों के लिए भी गति और कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी।
हालांकि अभी निर्माण और विस्तार का कार्य प्रगतिशील चरण में है, मेट्रो नेटवर्क के विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े इंटरचेंज हब का होना राजधानी की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करेगा, जिससे यात्रियों को कम समय में अधिक गंतव्य तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। साथ ही, दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की क्षमता और उपयोगिता दोनों बढ़ेंगी, जिससे शहर की भीड़-भाड़ और ट्रैफिक दबाव को भी कुछ हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, गोल्डन लाइन पर राजीव चौक जैसे इंटरचेंज हब का निर्माण दिल्ली मेट्रो के विस्तार के एक अहम चरण को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि आने वाले समय में राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक यात्रियों-अनुकूल और कनेक्टेड बनाया जाएगा।
