
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीयist कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजीत पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती के पास एक विमान दुर्घटना में असामयिक निधन देश भर में गहरा शोक फैलाने वाला समाचार बन गया। प्राइवेट चार्टर्ड विमान से लौटते समय, जो पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी पर उतरने की कोशिश में नियंत्रण खो बैठा और दुर्घटनाग्रस्त हुआ, अजीत पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना के बाद बुधवार-गुरुवार की सुबह से ही बारामती में शोक की लहर थी। उनके पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस में रखा गया, जो विशेष रूप से लगभग छह महीने पहले अजीत पवार ने खुद बारामती नगर परिषद को उपलब्ध कराया था। उसी एम्बुलेंस को फूलों से सजाकर, भारी पुलिस सुरक्षा और समर्थकों की भीड़ के बीच अंतिम संस्कार स्थल तक ले जाया गया। यह भावुक दृश्य दुर्घटना की त्रासदी के साथ-साथ उनके स्थानीय समर्थन और सेवा की याद को भी उजागर करता है।
एम्बुलेंस चालक नजीम काजी, जो आम नागरिकों के लिए उपलब्ध की गई उस सेवा-गाड़ी को चला रहे थे, ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे कठिन दिन था। उन्होंने याद दिलाया कि अजीत पवार ने जब यह सेवा शुरू की थी तो कहा था कि इसे ईमानदारी से चलाया जाए — और आज उसी वाहन में उनके नेता का पार्थिव शरीर ले जाया जा रहा था, यह दृश्य उनके लिए अत्यंत कष्टदायी था।
गुरुवार को विद्या प्रतिष्ठान मैदान, बारामती में अजीत पवार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य के कई नेताओं ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके बेटों, अन्य परिवारजनों और राजनीतिक साथियों सहित बड़ी संख्या में जनता ने अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया, जबकि शोकसंतप्त समर्थक उनके नाम के नारे लगाते रहे।
इस दुखद हादसे का राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव भी महसूस किया जा रहा है। दुर्घटना के कारणों को लेकर सीबीआई/एएआईबी जैसी जांच एजेंसियों ने तकनीकी और मौसम संबंधित पहलुओं पर गहन जांच शुरू कर दी है। अजीत पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा वैक्यूम पैदा हो गया है, जिसे भरने के लिए राजनीतिक दलों में हलचल जारी है।
राष्ट्र स्तर पर भी अजीत पवार के निधन पर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और कई केंद्रीय एवं राज्य-स्तरीय नेताओं ने शोक संदेश जारी करते हुए उन्हें एक प्रेरणादायक और समर्पित नेता बताया।
इस प्रकार, बारामती में एक दुखद विमान हादसे की त्रासदी ने न केवल एक अनुभवी राजनीतिक नेता को हमसे छीन लिया, बल्कि एक ऐसी छवि को भी उजागर किया है जिसमें सेवा-भाव से जुड़ी छोटी-छोटी यादें, जैसे एम्बुलेंस की कहानी, आज भावनात्मक रूप से जनता के दिलों में गहराई से उभर कर आई हैं।



