Site icon Prsd News

ट्रंप का ब्राजील पर बड़ा आर्थिक प्रहार, 25% टैरिफ लागू करने का ऐलान, राष्ट्रपति लूला ने दिया कड़ा जवाब

images 6 9

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में नई हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम अमेरिकी उद्योगों और घरेलू कारोबार के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। हालांकि इस फैसले के बाद अमेरिका और ब्राजील के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिकी फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि उनका देश किसी भी प्रकार के आर्थिक दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका लंबे समय से निष्पक्ष व्यापार नीति की वकालत करता रहा है और जिन देशों के साथ व्यापारिक असंतुलन या अनुचित व्यापारिक व्यवहार की शिकायतें हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसी नीति के तहत ब्राजील से आने वाले चुनिंदा उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इससे स्थानीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह संदेश भी जाएगा कि अमेरिका अपने आर्थिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।

दूसरी ओर, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने इस फैसले को एकतरफा और अनुचित बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार सहयोग और पारस्परिक सम्मान के आधार पर चलना चाहिए, न कि दबाव और दंडात्मक शुल्कों के जरिए। उन्होंने कहा कि ब्राजील अपनी अर्थव्यवस्था और निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सभी विकल्पों पर विचार करेगा। लूला ने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो ब्राजील विश्व व्यापार संगठन (WTO) सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस मुद्दे को उठा सकता है। उनके अनुसार, व्यापारिक विवादों का समाधान बातचीत से होना चाहिए, न कि एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों के माध्यम से।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ब्राजील के बीच बढ़ता यह व्यापारिक विवाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर असर डाल सकता है। ब्राजील अमेरिका के महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों में शामिल है और कृषि, इस्पात, एल्युमिनियम, खाद्य उत्पादों तथा अन्य औद्योगिक वस्तुओं का बड़ा निर्यातक है। यदि अतिरिक्त टैरिफ लंबे समय तक लागू रहता है तो ब्राजील के निर्यातकों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। वहीं अमेरिकी बाजार में भी कुछ उत्पादों की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन हाल के समय में कई देशों के साथ आयात शुल्क को लेकर सख्त रुख अपनाता रहा है। ऐसे में ब्राजील पर लगाया गया नया टैरिफ वैश्विक व्यापारिक माहौल को और अधिक प्रभावित कर सकता है। यदि ब्राजील भी जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिकी उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाता है, तो दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ सकती है। इसका प्रभाव केवल द्विपक्षीय व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी दिखाई दे सकता है।

फिलहाल दोनों देशों की ओर से बयानबाजी तेज है, लेकिन व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि कूटनीतिक वार्ता के जरिए समाधान निकालने की संभावना अभी भी बनी हुई है। दुनिया की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका और ब्राजील बातचीत के माध्यम से इस विवाद को सुलझाने में सफल होंगे या फिर यह मामला आगे चलकर वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़े टकराव का रूप लेगा।

Exit mobile version