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Flydubai Plane Attack: Smit Machchhar पर हमले के पीछे कौन? ट्रंप ने इस देश को बताया जिम्मेदार, जांच में नया मोड़

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फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में भारतीय कप्तान स्मित मच्छर पर हुए हमले की जांच के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से मामला और चर्चा में आ गया है। ट्रंप ने कहा है कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर लगता है कि इस घटना के पीछे ईरान का हाथ था। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ट्रंप ने इसे अपनी व्यक्तिगत राय के तौर पर कहा है और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ किया है कि फिलहाल ईरान को इस घटना से जोड़ने वाला कोई निर्णायक सबूत सामने नहीं आया है।

यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुआ था और उसमें 170 से ज्यादा यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान ओमानी मूल के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में कप्तान स्मित मच्छर पर हमला कर दिया। हमले के बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा, जिससे कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई कम हो गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद आपातकालीन कुल्हाड़ी का इस्तेमाल कर कप्तान पर हमला किया और कथित तौर पर विमान के नियंत्रण पर कब्जा करने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया। विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित पायलटों की मदद से फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया।

जांच में को-पायलट की पहचान 29 वर्षीय हमाम अल-हम्मामी के तौर पर हुई है, जो ओमान का नागरिक बताया जा रहा है। उसके पुराने करियर को लेकर भी कई गंभीर सवाल सामने आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, उसे पहले ओमान में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण उड़ान से दूर किया गया था और उसके पास कथित तौर पर चरमपंथ से जुड़ी सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन पुराने संकेतों के बावजूद वह दोबारा विमान उड़ाने की स्थिति तक कैसे पहुंचा।

जांच में यह दावा भी सामने आया है कि हमाम ने फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले ही किसी विमान को इजरायल ले जाकर हमला करने की योजना बनाई थी। कुछ अधिकारियों के मुताबिक, उसने जुलाई में भी ऐसी योजना पर विचार किया था, लेकिन उस समय कथित तौर पर उसने अपना इरादा बदल दिया। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उस समय विमान में किसी परिचित व्यक्ति के मौजूद होने की वजह से उसने योजना टाल दी थी। इन दावों की जांच अभी जारी है और इनके आधार पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल कथित ईरानी कनेक्शन को लेकर उठ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने पूछे जाने पर कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से लगता है कि फ्लाईदुबई घटना के पीछे ईरान जिम्मेदार था। लेकिन अमेरिकी प्रशासन की तरफ से अभी ऐसा कोई ठोस निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा है कि ईरान से इस घटना का संबंध साबित करने वाला फिलहाल कोई निर्णायक सबूत नहीं है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले ईरान की भूमिका को तथ्य के तौर पर कहना जल्दबाजी होगी।

दूसरी तरफ, जांच एजेंसियां हमाम अल-हम्मामी के पुराने रिकॉर्ड, उसके कथित चरमपंथी विचारों, सोशल मीडिया गतिविधियों और अलग-अलग देशों में उसके संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था और पायलटों की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। खासतौर पर यह जांच की जा रही है कि अगर उसके पुराने करियर में सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं, तो संबंधित जानकारी दूसरी एयरलाइंस और देशों तक क्यों नहीं पहुंची।

इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय कप्तान स्मित मच्छर की भूमिका सबसे अहम रही। गंभीर हमले के बावजूद उन्होंने विमान को बचाने की कोशिश जारी रखी और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों तथा क्रू को हमलावर तक पहुंचने का मौका दिया। इसके बाद उनकी सूझबूझ और साहस की भारत और इजरायल समेत कई जगहों पर सराहना हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे बातचीत कर उनके साहस की प्रशंसा की थी।

फिलहाल हमाम अल-हम्मामी संयुक्त अरब अमीरात की हिरासत में है और जांच एजेंसियां हमले के मकसद, उसकी संभावित योजना और किसी दूसरे व्यक्ति या संगठन से उसके संपर्क की पड़ताल कर रही हैं। सबसे अहम सवाल यही है कि क्या यह एक अकेले व्यक्ति की कथित साजिश थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था। ईरान को लेकर ट्रंप का बयान जांच में एक नया एंगल जरूर जोड़ता है, लेकिन आधिकारिक जांच से ठोस सबूत सामने आने तक इस कनेक्शन को साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।

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