हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। आरोप है कि कुछ युवकों ने एक हिंदू युवक पर उस समय हमला कर दिया जब उसने कथित तौर पर मांस खाने से इनकार कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार घटना हापुड़ जिले के सिम्भावली थाना क्षेत्र के बक्सर गांव के पास हुई। घायल युवक की पहचान दीपांशु शर्मा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह 5 जून की रात बाजार से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में कुछ युवकों ने उसे रोक लिया और विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और युवक पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। हमलावरों ने उस पर कई बार चाकू से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति काफी गंभीर थी और उसे बचाने के लिए सर्जरी करनी पड़ी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक युवक की एक से अधिक सर्जरी की गई है और वह अभी भी चिकित्सकीय निगरानी में है। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
इस बीच सोशल मीडिया पर घटना को लेकर कई तरह के दावे किए जाने लगे। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि युवक पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि उसने मांस खाने से इनकार कर दिया था। वहीं कुछ लोगों ने इस घटना को हाल ही में गाजियाबाद के चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड से भी जोड़ना शुरू कर दिया, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया।
हालांकि पुलिस ने मामले को लेकर अलग तस्वीर पेश की है। प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे पुरानी रंजिश और पहले हुए विवाद का एंगल सामने आया है। जांच अधिकारियों के मुताबिक 1 जून को दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था। पुलिस का दावा है कि उसी रंजिश के चलते बाद में यह हिंसक हमला हुआ।
पुलिस ने इस मामले में सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग थाने पहुंचे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। वहीं प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। वहीं पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है। एक ओर घायल युवक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस पर जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने का दबाव बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे इस बहुचर्चित मामले की असली तस्वीर सामने ला सकते हैं।
