भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की टीम इंडिया में वापसी को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्पष्ट किया है कि हार्दिक को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जल्दबाजी में वापस नहीं लाया जाएगा। गंभीर के मुताबिक, हार्दिक फिलहाल वनडे में 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं हैं और उन्हें पहले पर्याप्त प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलकर अपनी फिटनेस साबित करनी होगी।
गंभीर ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मैच के बाद हार्दिक की फिटनेस पर बात करते हुए कहा कि वह अभी 10 ओवर का गेंदबाजी कोटा पूरा नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी बताया कि हार्दिक ने आईपीएल 2026 के बाद ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उतारने के बजाय धीरे-धीरे वापसी का मौका देना चाहता है।
इंडिया A से होगी वापसी की तैयारी
हार्दिक को ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए इंडिया A टीम में शामिल किया गया है। यह मुकाबले पुडुचेरी में अक्टूबर में खेले जाने हैं। हालांकि, उनके खेलने का फैसला फिटनेस की अंतिम मंजूरी पर निर्भर करेगा। टीम मैनेजमेंट चाहता है कि हार्दिक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी करें और लंबे स्पेल में गेंदबाजी करने की क्षमता हासिल करें।
हार्दिक को वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को टीम में शामिल किया गया है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 27 सितंबर से शुरू होगी।
हार्दिक और नीतीश दोनों साथ खेल सकते हैं
गौतम गंभीर ने यह भी संकेत दिया कि हार्दिक के पूरी तरह फिट होने के बाद टीम में उनके और नीतीश कुमार रेड्डी, दोनों के लिए जगह बन सकती है। टीम मैनेजमेंट नीतीश को भी एक सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर विकसित करना चाहता है। इससे भारत के पास बल्लेबाजी के साथ अतिरिक्त तेज गेंदबाजी विकल्प भी मौजूद रहेगा।
फिलहाल हार्दिक की वापसी उनकी बल्लेबाजी से ज्यादा उनकी गेंदबाजी फिटनेस पर निर्भर दिखाई दे रही है। खासकर वनडे क्रिकेट में 10 ओवर गेंदबाजी करने की क्षमता उनके कमबैक की अहम कसौटी होगी। टीम मैनेजमेंट उनके साथ किसी तरह का जोखिम लेने के बजाय पूरी फिटनेस के बाद ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कराना चाहता है।
