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हरिद्वार में SDRF जवान ने दिखाई बहादुरी, गंगा की तेज धारा में बह रहे शिवभक्त को बचाया; रेस्क्यू का वीडियो वायरल

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खबर:
उत्तराखंड के हरिद्वार से साहस और कर्तव्यनिष्ठा की एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जहां राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के एक जवान ने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा की तेज धारा में बह रहे एक शिवभक्त की जान बचा ली। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग जवान की बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं। घटना कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार के कांगड़ा घाट की बताई जा रही है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे हुए थे।

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी एक शिवभक्त गंगा में स्नान कर रहा था। इसी दौरान वह नदी की तेज धारा की चपेट में आ गया और देखते ही देखते बहने लगा। घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां तैनात SDRF के एक जवान ने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगा दी। तेज बहाव के बावजूद जवान ने तैरकर श्रद्धालु तक पहुंचने में सफलता हासिल की और कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित किनारे तक ले आया। इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य SDRF कर्मियों ने भी बचाव अभियान में सहयोग किया और श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

उत्तराखंड पुलिस ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह जवान पूरी सूझबूझ और साहस के साथ तेज बहाव का सामना करते हुए श्रद्धालु तक पहुंचता है और उसकी जान बचा लेता है। वीडियो सामने आने के बाद हजारों लोगों ने जवान के साहस, तत्परता और समर्पण की प्रशंसा की है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे वास्तविक वीरता का उदाहरण बताते हुए SDRF टीम को सलाम किया।

इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि धार्मिक स्थलों पर स्नान के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेष रूप से कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान हरिद्वार में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे घाटों पर भीड़ काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में प्रशासन लगातार लोगों से निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करने, गहरे पानी में न जाने और चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करने की अपील करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा के कुछ घाटों पर जलधारा अचानक तेज हो जाती है, इसलिए श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

इस सफल बचाव अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा और संकट की घड़ी में SDRF के जवान किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। समय रहते की गई कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और एक श्रद्धालु की जान बच गई। यह घटना न केवल सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण का उदाहरण है, बल्कि आम लोगों के लिए भी यह संदेश है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ सुरक्षा नियमों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है।

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