2026 में होलिका दहन को लेकर इस बार लोगों में कुछ भ्रम और बहस है क्योंकि भद्रा काल और चंद्र ग्रहण के चलते सही तिथि और शुभ समय पर मत भिन्नता दिखाई दे रही है।
कब होलिका दहन होगा?
☑️ 2 मार्च 2026 (सोमवार) की शाम को होलिका दहन का समय आता है क्योंकि तब फाल्गुन पूर्णिमा तिथि रहेगी और प्रदोष काल में अग्नि प्रज्वलित किया जा सकता है।
☑️ 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को भी रात में होलिका दहन करना शुभ माना जाता है, खासकर जब चंद्र ग्रहण (लूनर एक्लिप्स) के बाद शाम 6:46 बजे से 8:00 बजे तक का शुभ मुहूर्त आयेगा।
भद्रा काल का असर:
2 मार्च को भद्रा काल रहेगा और ज्योतिष के अनुसार ऐसे समय में शुभ अनुष्ठानों से बचना चाहिए, इसलिए कई पंडितों और पंचांग के अनुसार 3 मार्च को दहन करना अधिक अनुकूल माना जा रहा है।
🔹 चंद्र ग्रहण इसी दिन:
3 मार्च 2026 को भारत में चंद्र ग्रहण लग रहा है, जो विशेष ज्योतिषीय घटना है। ग्रहण के कारण पूजा-अनुष्ठान के समय में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
सारांश:
-
कई पंडित 3 मार्च की शाम में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त (शाम ~6:46 से रात ~8 बजे तक) मानते हैं।
-
कुछ मान्यताएँ 2 मार्च शाम को प्रदोष काल में दहन को भी स्वीकार करती हैं, बशर्ते भद्रा काल की स्थिति का ध्यान रखा जाए।
🌸 इसके बाद 4 मार्च 2026 (बुधवार) को रंग वाली होली (धुलेंडी) मनाई जाएगी।
