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IIT रुड़की में CDS जनरल राजा सुब्रमणि ने छात्रों को दिया ‘DHARA’ का मंत्र, बोले- सीखते रहें और बदलते वक्त के साथ ढलें

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IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने छात्रों को तेजी से बदलती दुनिया और तकनीक की चुनौतियों के बीच लगातार सीखते रहने और खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालने का संदेश दिया। उन्होंने बदलती वैश्विक परिस्थितियों को समझाने के लिए ‘DHARA’ नाम का एक एक्रोनिम इस्तेमाल किया, जिसमें Disruptive, Hyperconnectedness, Asymmetry, Realignment और Autonomy शामिल हैं।

जनरल सुब्रमणि ने कहा कि दुनिया में तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में छात्रों के लिए केवल मौजूदा ज्ञान तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने युवाओं से सीखने, पुरानी चीजों को जरूरत के मुताबिक छोड़ने, नई चीजें सीखने और बदलती परिस्थितियों के साथ खुद को लगातार अपडेट करते रहने की बात कही। उनके मुताबिक जिज्ञासु बने रहना और नई तकनीकों को समझना आने वाले समय में इंजीनियरों और टेक्नोलॉजिस्ट के लिए महत्वपूर्ण होगा।

उन्होंने ‘DHARA’ के जरिए बदलती दुनिया के पांच पहलुओं को सामने रखा। उनके अनुसार ‘D’ का मतलब Disruptive यानी तेजी से होने वाला बड़ा बदलाव, ‘H’ का मतलब Hyperconnectedness यानी विभिन्न प्रणालियों और नेटवर्क का बढ़ता जुड़ाव, ‘A’ का मतलब Asymmetry, ‘R’ का मतलब Realignment और अंतिम ‘A’ का मतलब Autonomy यानी स्वायत्तता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलावों की रफ्तार इतनी तेज है कि युवाओं को लगातार सीखने और खुद को नए माहौल के अनुरूप ढालने की जरूरत होगी।

जनरल सुब्रमणि ने दुनिया के बढ़ते आपसी जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह जुड़ाव केवल सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय व्यवस्था, एयरलाइंस, नेटवर्क और ऊर्जा प्रणालियां भी एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने छात्रों का ध्यान इस ओर दिलाया कि ऐसी परस्पर निर्भरता के साथ नई तरह की कमजोरियां भी पैदा होती हैं। इसलिए भविष्य के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को ऐसी प्रणालियां विकसित करनी होंगी जो मुश्किल परिस्थितियों में भी मजबूती से काम कर सकें।

उन्होंने छात्रों से तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच बढ़ते संबंध को समझने का भी आह्वान किया। उनके मुताबिक आने वाले समय में तकनीकी क्षमता, सिस्टम की मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा एक-दूसरे से और अधिक जुड़ेंगे। ऐसे में युवाओं की भूमिका केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें देश और समाज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित और मजबूत तकनीकी प्रणालियों के निर्माण में योगदान देना होगा।

इस दौरान जनरल सुब्रमणि ने भारत को लेकर भी छात्रों को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है जिसे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने छात्रों से अपनी शिक्षा और तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल देश और समाज के व्यापक हित में करने की बात कही।

IIT रुड़की का 2026 का दीक्षांत समारोह दो दिनों में आयोजित किया जा रहा है। 19 सितंबर को पहले दिन अंडरग्रेजुएट छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि 20 सितंबर को पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी छात्रों का दीक्षांत समारोह आयोजित किया जा रहा है। संस्थान के अनुसार दोनों दिनों में कुल 2,701 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जानी हैं। पहले दिन 1,277 छात्रों को डिग्री मिली।

दीक्षांत समारोह के पहले दिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि जनरल एनएस राजा सुब्रमणि सम्मानित अतिथि थे। डोभाल ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए उनकी शिक्षा और कौशल को समाज तथा राष्ट्र के व्यापक हित में इस्तेमाल करने पर जोर दिया। IIT रुड़की के इस दीक्षांत समारोह में शिक्षा, तकनीक, राष्ट्रीय सुरक्षा और नवाचार से जुड़े मुद्दों पर छात्रों को संदेश दिए गए।

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