‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन अपनी आगे की रणनीति तय करने के लिए गुरुवार, 22 अक्टूबर को ऑनलाइन बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की अगली रूपरेखा पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे पर अपना अभियान जारी रखने की तैयारी कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं; इन्हें साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
बैठक का एक अहम एजेंडा 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली की तैयारियों की समीक्षा करना भी है। विपक्षी नेता इस रैली के जरिए मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रहे हैं। गुरुवार की बैठक में अभियान के अगले चरण और प्रदर्शन की रूपरेखा पर चर्चा हो सकती है।
इससे पहले 12 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने दिल्ली में ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ निकाला था। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और SIR को लेकर अपनी आपत्तियां उठाईं तथा सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका दाखिल की। मार्च के दौरान सुरक्षा बैरिकेडिंग के चलते प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने में भी बाधा आई थी।
इसके बाद 13 अक्टूबर को राहुल गांधी ने अपने आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक की थी। उस बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर अपना विरोध जारी रखने और इस मुद्दे को आगे बढ़ाने की बात कही थी। अब नई ऑनलाइन बैठक को उसी अभियान के अगले चरण की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
विपक्ष की मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी शामिल है। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने पहले कहा है कि संस्थागत deliberations में अलग-अलग राय होना सामान्य बात है और उसके आदेश निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जारी किए जाते हैं।
गुरुवार की बैठक में गठबंधन के नेता अपने साझा अभियान को आगे बढ़ाने और 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। बैठक के बाद किसी नए कार्यक्रम, प्रदर्शन या संयुक्त घोषणा का फैसला होता है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।
