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UN में भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब, महिमा कुमारी मेवाड़ बोलीं- जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा

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संयुक्त राष्ट्र में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत ने पाकिस्तान के बयान का कड़ा जवाब दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति में भारत की ओर से सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर को लेकर गल और भ्रामक दावे फैलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा। यह जवाब 9 अक्टूबर को उपनिवेशवाद से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के दौरान पाकिस्तान के प्रतिनिधि के बयान के बाद दिया गया।

महिमा कुमारी मेवाड़ ने भारत की ओर से ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ यानी जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के दावों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर को लेकर कथित तौर पर झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के मंच का बार-बार इस्तेमाल करता है। भारत ने इस दौरान स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर उसका रुख पहले से स्पष्ट है और वह इस क्षेत्र पर अपने दावे को लेकर कोई बदलाव नहीं मानता।

अपने बयान में भारतीय सांसद ने पाकिस्तान के राजनीतिक इतिहास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सैन्य तानाशाही, चुनावों में कथित धांधली, लोकप्रिय निर्वाचित नेताओं को जेल में रखने, धार्मिक कट्टरपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों का जिक्र किया। मेवाड़ ने कहा कि ऐसे रिकॉर्ड वाले देश को दूसरे देशों को राजनीतिक और मानवाधिकारों के मुद्दों पर उपदेश देने से बचना चाहिए। ये टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से पाकिस्तान के बयान के जवाब में की गईं।

महिमा कुमारी मेवाड़ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकारों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां लोगों को दमन, बर्बरता और संसाधनों के कथित अवैध दोहन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भारत की ओर से कहा गया कि इन क्षेत्रों में लोग अपने बुनियादी अधिकारों, स्वतंत्रता और आवश्यक सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान से इन क्षेत्रों में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को रोकने का आह्वान भी किया।

अपने संबोधन में मेवाड़ ने पिछले कुछ महीनों के दौरान हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सशस्त्र बलों और उनसे जुड़े गुटों ने अपने बुनियादी अधिकारों और सुविधाओं के लिए आवाज उठाने वाले कई निर्दोष नागरिकों की जान ली है। भारत ने इन आरोपों को उठाते हुए पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल खड़े किए। हालांकि, ये आरोप भारतीय प्रतिनिधि के बयान का हिस्सा हैं और इन्हें उसी संदर्भ में समझना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति विशेष राजनीतिक मामलों और उपनिवेशवाद से जुड़े विषयों पर चर्चा करती है। इसी समिति में पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया था, जिसके जवाब में भारत ने अपने पक्ष को दोहराया। ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ के माध्यम से किसी प्रतिनिधि को दूसरे पक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देने का अवसर मिलता है। इस प्रक्रिया के तहत भारत ने जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की।

महिमा कुमारी मेवाड़ संयुक्त राष्ट्र के कामकाज को समझने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे 15 सदस्यीय भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। इस दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया और न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। इसी दौरे के दौरान मेवाड़ ने संयुक्त राष्ट्र की चौथी समिति में भारत की ओर से पाकिस्तान के बयान का जवाब दिया।

इस पूरे घटनाक्रम में भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर अपनी पुरानी और स्पष्ट स्थिति दोहराई है। भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए उसके राजनीतिक रिकॉर्ड और मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र में हुई यह बहस जम्मू-कश्मीर को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को फिर सामने लाती है। भारत ने अपने बयान में साफ किया कि वह जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और इस मुद्दे पर पाकिस्तान के दावों को स्वीकार नहीं करता।

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