Site icon Prsd News

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- ‘समझौता काफी करीब’, लेकिन पहले से अलग होगा करार

untitled design 2026 10 21t084839 1792552745

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार समझौते की बातचीत अब निर्णायक चरण के करीब पहुंचती दिखाई दे रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देश ट्रेड डील के काफी करीब हैं और जल्द समझौता हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह करार अमेरिका के पिछले व्यापार समझौतों से काफी अलग होगा। ट्रंप ने यह टिप्पणी व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए की।

ट्रंप ने कहा कि भारत समझौता करना चाहता है और अमेरिका भी इसके लिए तैयार है। उन्होंने बातचीत की स्थिति को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों पक्ष करार के करीब हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रस्तावित समझौते में किन शर्तों या प्रावधानों को बदला जाएगा और इसे अंतिम रूप देने में कितना समय लगेगा।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दौरे पर हैं। रुबियो और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मुंबई में मुलाकात कर व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। रुबियो ने भी व्यापार समझौते को लेकर उम्मीद जताई और कहा कि दोनों देश इसे अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं।

रुबियो के मुताबिक, समझौते से जुड़े ज्यादातर मुद्दों पर प्रगति हो चुकी है, लेकिन कुछ बिंदुओं पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनना अभी बाकी है। उन्होंने बातचीत को सकारात्मक बताया और संकेत दिया कि समझौते को अंतिम रूप देने में अब महीनों के बजाय कुछ सप्ताह लग सकते हैं। इसके बावजूद, जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक करार की अंतिम शर्तों और समयसीमा को निश्चित नहीं माना जा सकता।

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत के केंद्र में आयात शुल्क, बाजार तक पहुंच और भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी अवसर दिलाने जैसे मुद्दे रहे हैं। भारत चाहता है कि उसके निर्यातकों को बांग्लादेश, वियतनाम और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में नुकसान न हो। वहीं, कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर भारत की चिंताएं भी बातचीत का अहम हिस्सा रही हैं।

इससे पहले दोनों देशों ने व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक रूपरेखा पर सहमति जताई थी। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ नीतियों में बदलाव और रूस से भारत के तेल आयात को लेकर उठे मुद्दों ने बातचीत को प्रभावित किया। हाल के दिनों में दोनों पक्षों की ओर से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद समझौते को लेकर फिर उम्मीद बढ़ी है।

ट्रंप ने करार को ‘पहले के समझौतों से अलग’ बताया है, लेकिन इस टिप्पणी का विस्तृत अर्थ अभी स्पष्ट नहीं है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्तावित समझौते में शुल्क, आयात-निर्यात नियमों और बाजार पहुंच को लेकर क्या प्रावधान किए जाते हैं। इन शर्तों का असर भारतीय उद्योगों, निर्यातकों और अमेरिका के साथ व्यापार करने वाली कंपनियों पर पड़ सकता है।

फिलहाल, ट्रंप और रुबियो के बयानों से बातचीत में प्रगति के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अंतिम मुहर लगना बाकी है। समझौते की वास्तविक अहमियत उसकी अंतिम शर्तों, दोनों देशों की औपचारिक सहमति और लागू होने की समयसीमा से तय होगी।

Exit mobile version