मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और कतर समेत 7 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला किया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में ईरान-इजरायल तनाव पहले से ही गहराया हुआ है और अमेरिका खुलकर इजरायल के समर्थन में खड़ा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए कई अहम अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें United States Fifth Fleet का मुख्यालय (बहरीन) और Al Dhafra Air Base (यूएई) प्रमुख रूप से शामिल हैं। हमलों के बाद इन इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया और कई जगहों पर सायरन बजने की खबरें सामने आईं।
सूत्रों के अनुसार, हमले के दौरान कतर की राजधानी दोहा और कुवैत के कुछ हिस्सों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स में बड़े पैमाने पर नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जवाबी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान की ओर से शक्ति प्रदर्शन और चेतावनी संदेश है। पिछले कुछ दिनों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हुई थीं। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने अपनी सैन्य तैनाती मजबूत की थी, जिसके बाद ईरान की यह कार्रवाई सामने आई है। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है और वैश्विक तेल बाजारों पर भी असर पड़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर हालात नियंत्रित नहीं हुए तो यह टकराव व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल दुनिया की निगाहें अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हैं।
