ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईरानी सेना ने अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि अमेरिका के पास अब केवल दो ही विकल्प बचे हैं—या तो वह एक “असंभव सैन्य ऑपरेशन” करे या फिर “खराब समझौते” को स्वीकार करे।
ईरान का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और कूटनीतिक बातचीत भी ठप पड़ती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को 30 दिन की समयसीमा देते हुए कहा है कि वह अपनी सैन्य नाकेबंदी खत्म करे, अन्यथा हालात और बिगड़ सकते हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के प्रस्तावों पर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी तक “पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई” है और अमेरिका किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले सख्त शर्तों पर विचार करेगा।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी खुला है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे कूटनीतिक समाधान की समीक्षा करेंगे, लेकिन मौजूदा प्रस्ताव उन्हें संतोषजनक नहीं लगते।
पूरे घटनाक्रम से साफ है कि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। एक तरफ ईरान दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिका भी सख्त रुख अपनाए हुए है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश युद्ध का रास्ता चुनते हैं या किसी समझौते तक पहुंचते हैं।
