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जमशेदपुर में CNG भरते समय पाइप फटा, तेज धमाके से मची भगदड़; कर्मचारी की मौत

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झारखंड के जमशेदपुर में CNG भरते समय एक दर्दनाक हादसा हो गया। गोलमुरी थाना क्षेत्र में हावड़ा ब्रिज के पास स्थित आरके जैन भारत पेट्रोलियम फ्यूल स्टेशन पर CNG भरने के दौरान अचानक गैस की पाइप फट गई। तेज धमाके के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे पेट्रोल पंप पर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। कई लोग अपने वाहन वहीं छोड़कर सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे।

हादसे के दौरान पेट्रोल पंप कर्मचारी तुषार कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि CNG भरते समय अचानक दबाव के कारण गैस भरने वाली पाइप गाड़ी से अलग हो गई। पाइप का नोजल तेजी से घूमते हुए वहां खड़े तुषार के सिर से जा टकराया। चोट इतनी गंभीर थी कि वह मौके पर ही गिर पड़े।

घटना के तुरंत बाद साथी कर्मचारियों ने तुषार कुमार को इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद पेट्रोल पंप पर कुछ समय के लिए पूरी तरह अफरातफरी का माहौल रहा।

इस पूरी घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हादसे की भयावहता दिखाई देती है। वीडियो में नजर आता है कि CNG भरने के दौरान अचानक पाइप तेज दबाव के साथ गाड़ी से निकल जाती है। इसके बाद गैस का रिसाव शुरू होता है और लोग वहां से भागने लगते हैं। इसी दौरान पाइप का हिस्सा पास खड़े कर्मचारी के सिर से टकराता है और वह जमीन पर गिर जाता है।

हादसे के बाद पुलिस और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गई। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि CNG की पाइप आखिर किस वजह से फटी। इसके अलावा उपकरण में तकनीकी खराबी थी या रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही हुई, इसकी भी जांच की जा रही है।

CNG स्टेशन पर गैस उच्च दबाव में भरी जाती है, इसलिए पाइप, नोजल और अन्य उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव बेहद महत्वपूर्ण होता है। जमशेदपुर की यह घटना एक बार फिर CNG स्टेशन पर सुरक्षा मानकों और उपकरणों की समय-समय पर जांच की जरूरत को सामने लाती है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

इस हादसे ने मृतक कर्मचारी के परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। एक सामान्य ड्यूटी के दौरान अचानक हुए इस हादसे में उनकी जान चली गई। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा महज तकनीकी खराबी के कारण हुआ या इसमें किसी स्तर पर लापरवाही भी सामने आती है।

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