
श्रीकांत शिंदे की शिवसेना ने NCP के साथ मिलकर BJP को सत्ता से दूर रखा
अंबरनाथ नगरपरिषद (Thane, Maharashtra) में राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव आया है, जहां शिवसेना (Shiv Sena) ने राष्ट्रीय परिषद पार्टी (NCP, Ajit Pawar) के साथ हाथ मिलाया और भाजपा (BJP) को सत्ता से दूर रखने की योजना बनाई है। इस पूरी राजनीति के पीछे श्रीकांत शिंदे (Shrikant Shinde) की अहम भूमिका रही है, जिन्होंने अपने पार्टी सदस्य और NCP के सहयोगी के साथ BJP के खिलाफ एक गठबंधन समूह बनाया।
स्थानीय निकाय चुनाव के परिणामों के बाद, शिवसेना ने 27 सीटें जीतीं, जबकि BJP को 16 सीटें मिलीं। एनसीपी के 4 सदस्य और 1 निर्दलीय सदस्य भी थे। इन सभी सीटों के साथ 32 सदस्यों का एक समूह बनाया गया, जिसने सत्ता के लिए अपना दावा जिलाधिकारी को सौंपा। इस कदम का उद्देश्य था BJP को नगर परिषद की सत्ता से बाहर रखना।
यह राजनीतिक चाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले BJP ने कांग्रेस के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी’ (Ambernath Vikas Aghadi) के तहत सत्ता बनाने की कोशिश की थी और शिवसेना को किनारे कर दिया था। कांग्रेस के 12 नगरसेवक BJP के साथ जाने के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित भी कर दिया।
हालांकि BJP, Shiv Sena और NCP महाराष्ट्र में महायुती गठबंधन (Mahayuti) के भागीदार भी हैं, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर इन दलों के बीच राजनीतिक खींचतान साफ दिखाई दे रही है।
मुख्य बिंदु:
• शिवसेना-NCP गठबंधन ने अंबरनाथ नगर परिषद में BJP को सत्ता से दूर रखा।
• श्रीकांत शिंदे की भूमिका अहम — उन्होंने अपने पार्टी और NCP के साथ समूह बनाकर सत्ता का दावा किया।
• पहले BJP-कांग्रेस-NCP की ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी’ का गठन हुआ था, जिसे लेकर कांग्रेस ने अपने 12 नगरसेवकों को निलंबित किया।
• अब राजनीतिक समीकरण स्थानीय स्तर पर बदलते दिखाई दे रहे हैं, Mahayuti साझेदारों के बीच मतभेद भी उभर रहे हैं।



