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राहुल गांधी पर जेपी नड्डा का पलटवार, बोले- सदन चलने दें, हर मुद्दे पर जवाब देने को तैयार है सरकार

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और मुद्दों को लगातार बदलने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील करते हुए कहा कि चर्चा से भागने के बजाय विपक्ष को अपनी बात संसद के भीतर रखनी चाहिए।

जेपी नड्डा ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी के बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी के उस दावे को खारिज किया जिसमें प्रदर्शन के दौरान गोली चलने की बात कही गई थी। नड्डा ने कहा कि जंतर-मंतर पर गोलीबारी नहीं हुई थी और इस मुद्दे को लेकर देश को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं।

नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद के मौजूदा सत्र में लगातार अपना मुद्दा बदल रहे हैं। उनके मुताबिक, सत्र की शुरुआत में विपक्ष की ओर से NEET से जुड़े विषय पर चर्चा की मांग की गई थी और सरकार इसके लिए तैयार भी हुई, लेकिन इसके बाद विपक्ष ने दूसरे मुद्दे उठाने शुरू कर दिए। नड्डा ने कहा कि जब अलग-अलग विषयों पर चर्चा की पेशकश की गई तो विपक्ष ने सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ने नहीं दिया। उनके अनुसार, पिछले 15 दिनों से संसद की कार्यवाही में लगातार व्यवधान देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का रुख स्पष्ट है कि संसद में किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। नड्डा के मुताबिक, SIR जैसे मुद्दे पर चर्चा की मांग की गई और उस पर चर्चा भी हुई। महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार की ओर से जवाब दिया गया। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि जब सरकार जवाब देने के लिए तैयार होती है तो विपक्ष सदन में चर्चा से पीछे हट जाता है। नड्डा ने कहा कि यदि संसद सुचारू रूप से चलेगी तो सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की राजनीति पर भी सवाल उठाते हुए उन पर अराजकता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने बयानों और संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों को बार-बार बदलते हैं और उनका उद्देश्य बातचीत के जरिए समाधान निकालना नहीं बल्कि सदन की कार्यवाही को बाधित करना है। हालांकि, ये नड्डा द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और विपक्ष की ओर से इन मुद्दों पर अलग रुख रखा गया है।

इस दौरान नड्डा ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि यदि वह छात्रों के अधिकारों और पुलिस कार्रवाई को लेकर आवाज उठा रहे हैं तो झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज क्यों नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। नड्डा ने कहा कि विपक्ष को छात्रों और युवाओं से जुड़े सभी मामलों पर समान रूप से अपनी बात रखनी चाहिए।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले कई दिनों से जारी है। रांची में सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च किया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी और स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल का इस्तेमाल किया। इस घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग पर सवाल उठाते हुए सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की थी। इसी बयान के जवाब में नड्डा ने झारखंड के छात्रों का मुद्दा उठाकर राहुल गांधी पर निशाना साधा।

नड्डा के बयान से साफ है कि छात्र आंदोलन और संसद में जारी गतिरोध अब एक-दूसरे से जुड़े राजनीतिक मुद्दे बन गए हैं। एक तरफ विपक्ष जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से जवाब मांग रहा है, वहीं सत्तापक्ष विपक्ष पर संसद की कार्यवाही रोकने और राजनीतिक मुद्दों को लगातार बदलने का आरोप लगा रहा है। इसी बीच सरकार की ओर से यह संकेत दिया गया है कि यदि विपक्ष सदन को सुचारू रूप से चलने देता है तो गृह मंत्री अमित शाह छात्र प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं।

फिलहाल संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। राहुल गांधी के आरोपों के बाद जेपी नड्डा का जवाब इस राजनीतिक विवाद को और तेज करने वाला माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि छात्र प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों पर संसद में कब और किस तरह चर्चा होती है। यदि दोनों पक्ष सदन में चर्चा के लिए सहमत होते हैं तो आने वाले दिनों में इस पूरे विवाद पर सरकार का आधिकारिक पक्ष और विपक्ष के सवाल दोनों विस्तार से सामने आ सकते हैं।

 

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