महाराष्ट्र के पुणे में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामले से जुड़े नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी और इसी कारण उसने कथित तौर पर अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। जांच अधिकारियों के अनुसार, सिया का मानना था कि यदि केतन उसकी जिंदगी से हट जाए तो उसे कम से कम कुछ वर्षों तक शादी के दबाव से राहत मिल सकती है और वह अपनी मर्जी के मुताबिक जीवन जी सकेगी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन चौधरी के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे। दोनों की पहचान पहले पारिवारिक और सामाजिक दायरे में हुई थी, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। हालांकि, परिवारों की सहमति न मिलने और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के डर से दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक नहीं किया। पुलिस का कहना है कि परिवार द्वारा तय की गई शादी को तोड़ने की बजाय दोनों ने कथित तौर पर एक खतरनाक रास्ता चुना, जिसके परिणामस्वरूप केतन अग्रवाल की जान चली गई।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, जनवरी 2026 में सिया गोयल और चेतन चौधरी राजस्थान के उदयपुर की यात्रा पर भी गए थे। यह यात्रा सिया की सगाई से पहले हुई थी और पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसी दौरान हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया गया था। अधिकारियों ने ट्रिप से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, होटल बुकिंग और दोनों आरोपियों के बीच हुई बातचीत की भी जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान दोनों ने भविष्य को लेकर कई अहम फैसले लिए थे।
पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले पर हुई घटना को शुरुआत में एक हादसा माना गया था, लेकिन बाद में मिले डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों ने जांच की दिशा बदल दी। जांचकर्ताओं का दावा है कि सिया और चेतन ने पहले से योजना बनाकर केतन को किले तक बुलाया और मौके का फायदा उठाकर उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन से डिलीट किए गए संदेशों और चैट रिकॉर्ड को फोरेंसिक तकनीक के जरिए वापस हासिल करने का प्रयास कर रही है ताकि साजिश की पूरी टाइमलाइन स्पष्ट हो सके।
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। केतन अग्रवाल के परिवार ने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है, जबकि समाज में भी इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक हत्या का नहीं बल्कि पारिवारिक दबाव, सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत निर्णयों के बीच उत्पन्न तनाव का भी प्रतीक बन गया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस सनसनीखेज मामले से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
