नाइजर राज्य (Nigeria) में एक चिंताजनक और दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ बंदूकधारियों ने St. Mary’s नामक कैथोलिक बोर्डिंग स्कूल पर हमला किया और वहाँ से 215 छात्रों और 12 शिक्षकों को अगवा कर लिया। यह खबर अफ्रीका की सबसे बड़ी आबादी वाले देश में बढ़ती असुरक्षा और स्कूलों की रक्षा संबंधी नाजुकता को फिर एक बार उजागर करती है।
घटना बेहद नाटकीय रूप से सुबह-सुबह हुई — उस समय, स्कूल की अधिसूचना के अनुसार, छात्रों और स्टाफ के दिन की शुरुआत हो रही थी। स्थानीय पुलिस कमांड ने बताया कि सुरक्षा बलों और सेना को तुरंत घटनास्थल पर तैनात किया गया है ताकि इस बड़े पैमाने के अपहरण का सामना किया जा सके।
सीएएन (Christian Association of Nigeria) के प्रतिनिधि डैनियल अटोरी ने कहा है कि उन्होंने अभिभावकों के साथ बैठक की है और संगठन मिलकर “हमारे बच्चों की सुरक्षित वापसी” के लिए काम कर रहा है। कुछ परिवारों ने यह बताया कि भाग्यशाली वे छात्र जो भागने में सफल हुए, वे जंगल की ओर भाग गए, जबकि अन्य अभी तक बंदूकोंधारियों के साथ कही ले जाए जा रहे हैं।
सरकार की ओर से यह भी स्वीकार किया गया है कि पहले ऐसी चेतावनियाँ थीं कि इलाके में खतरे का माहौल बढ़ रहा है। नाइजर राज्य के एक सरकारी बयान में कहा गया है कि स्कूल की बंदी फिर से खुलने के बाद, स्टेट गवर्नमेंट से अनुमति माँगे बिना क्लास लौटने का फैसला लिया गया — जिसे कुछ लोग “अनजाने में असल जोखिम की ओर बुलावा” कह रहे हैं।
इस बीच, इस हमले में एक सुरक्षा गार्ड को भी गोली लगी है। कैथोलिक डायोसेस ऑफ़ कॉन्टागोरा ने पुष्टि की कि सुरक्षा स्टाफ गंभीर रूप से घायल हुआ है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह अपहरण सिर्फ एक एकल घटना नहीं, बल्कि नाइजीरिया में स्कूलों को निशाना बनाने वाली बढ़ती “अपहरण संस्कृति” का हिस्सा है। इस तरह की घटनाएं पिछले कुछ महीनों में और बढ़ी हैं, जिससे इस क्षेत्र में अस्थिरता और सुरक्षा की कमजोर नींव पर सवाल उठ रहे हैं।
कई विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने में स्थानीय सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका को फिर से मजबूत करने की ज़रूरत है। स्कूलों के चारों ओर स्थायी सुरक्षा बंदोबस्त, नियमित गश्त और प्रभावी खुफिया निगरानी ही भविष्य में इस तरह की भयावह घटनाओं को रोक सकती है।
