
ईरान में तनाव के बीच फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी के लिए भारत की तैयारियाँ
भारत सरकार ने ईरान में बढ़ते तनाव और अस्थिर स्थिति के बीच अपने वहां फंसे नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनके सुरक्षित वतन वापसी के लिए व्यापक निकासी योजना (contingency plan) तैयार कर ली है। तेहरान और अन्य शहरों में रह रहे भारतीय नागरिकों, जिनमें छात्र, श्रमिक और अन्य यात्री शामिल हैं, की स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय तथा भारतीय दूतावास सक्रिय रूप से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें सभी उपलब्ध संसाधनों से सुरक्षित बाहर निकालने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कल यानी शुक्रवार को ईरान से पहला समूह भारत के लिए रवाना हो सकता है, जिसमें भारत सरकार के प्लान के तहत प्राथमिकता उन नागरिकों को दी जा रही है जो सबसे अधिक जोखिम में हैं। भारतीय दूतावास अधिकारियों ने कई इलाकों में इंटरनेट और फोन कनेक्टिविटी की समस्याओं के बावजूद, फिजिकल तौर पर जाकर फंसे लोगों का डेटा और उनकी आवश्यकताओं का ब्योरा इकट्ठा किया है ताकि निकासी को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
हालांकि ईरान में स्थिति लगातार खराब हो रही है और व्यापक विरोध-प्रदर्शन, आर्थिक कठिनाइयाँ तथा सुरक्षा चिंताएं बढ़ रही हैं, भारत सरकार ने सभी ईरान में मौजूद लगभग हजारों भारतीय नागरिकों को वहां से निकलने की सलाह दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध सभी तरीकों — वाणिज्यिक उड़ानों से लेकर ज़रूरी होने पर विशेष उड़ानों तक — का उपयोग करते हुए नागरिकों को बाहर लाया जाएगा।
विदेश मामलों के विशेषज्ञों के मुताबिक, इस निकासी योजना को पहले चलाए गए “ऑपरेशन सिंधु” जैसी पहल के अनुभवों के आधार पर विकसित किया गया है, जिसमें पिछले वर्ष ईरान-इजराइल संघर्ष के दौरान हजारों भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। उस अभियान के अंतर्गत 14 से अधिक उड़ानों द्वारा सैकड़ों भारतीयों को भारत लाया गया था और यह साबित हुआ था कि जमीनी और वायु मार्ग के संयोजन से ऐसे संकटपूर्ण मामलों में समय रहते दक्ष निकासी संभव है।
देश में छात्रों और उनके परिवारों की चिंताओं को देखते हुए, विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक समूह भी सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपील कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थी और अन्य फंसे नागरिक सुरक्षित रूप से अपने घर लौट सकें। इस संकटपूर्ण समय में भारत सरकार अपने नागरिकों के लिए हेल्पलाइन और एडवाइजरी जारी कर रही है, जिससे लोग किसी भी आपात स्थिति में मदद पा सकें।
सरकार का कहना है कि सभी भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी किसी भी स्थिति में, जहाँ भी आवश्यक हो, उन्हें सहायता प्रदान करने के लिए सभी संसाधन नियोजित किए जाएंगे।



