ईरान-इज़राइल युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से जारी एलपीजी संकट के बीच आज एक बड़ा LPG टैंकर गुजरात के कच्छ स्थित मुंद्रा पोर्ट पहुंचने वाला है, जिससे देश में गैस की आपूर्ति को काफी हद तक स्थिर करने में मदद मिलेगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 94 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर दो टैंकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जिनमें से एक आज मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा जबकि दूसरा 1 अप्रैल तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। यह खेप ऐसे समय में आ रही है जब देश में घरेलू गैस की भारी कमी देखी जा रही है और कई जगहों पर लोगों को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
दरअसल, मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। यह वही समुद्री मार्ग है जहां से भारत अपनी बड़ी मात्रा में एलपीजी और कच्चा तेल आयात करता है। युद्ध के दौरान इस रास्ते पर खतरा बढ़ने से कई भारतीय जहाज फंस गए थे और आपूर्ति बाधित हो गई थी।
हालांकि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है। हाल ही में कुछ भारतीय LPG टैंकर सुरक्षित तरीके से इस खतरनाक समुद्री मार्ग को पार कर भारत की ओर बढ़े हैं। इससे पहले भी कुछ जहाज भारत पहुंच चुके हैं, जिससे आंशिक राहत मिली थी, लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति अभी भी चुनौती बनी हुई है।
भारत की ऊर्जा जरूरतों में एलपीजी का बहुत बड़ा हिस्सा आयात से आता है और इसका अधिकांश हिस्सा खाड़ी देशों से ही आता है। ऐसे में क्षेत्र में किसी भी तरह का संघर्ष सीधे तौर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करता है। यही वजह है कि सरकार लगातार वैकल्पिक उपायों और आपूर्ति चैन को मजबूत करने में लगी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुंद्रा पोर्ट पर टैंकर के पहुंचने से घरेलू गैस संकट कुछ हद तक कम हो सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां सप्लाई बाधित हो गई थी। साथ ही यह संकेत भी है कि भारत धीरे-धीरे संकट से बाहर निकलने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
कुल मिलाकर, युद्ध के बीच यह खबर आम लोगों के लिए राहत लेकर आई है। अगर इसी तरह एलपीजी टैंकर लगातार भारत पहुंचते रहे, तो आने वाले दिनों में गैस की उपलब्धता बेहतर हो सकती है और देश में पैदा हुआ संकट धीरे-धीरे नियंत्रण में आ सकता है।
