Site icon Prsd News

AI के बढ़ते प्रभाव के बीच Meta, Oracle और Microsoft में बड़े पैमाने पर छंटनी, एक महीने में हजारों नौकरियां खत्म

download 2 23

दुनियाभर के टेक सेक्टर में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां एक तरफ कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta, Microsoft और Oracle जैसी दिग्गज कंपनियों ने सिर्फ एक महीने के भीतर हजारों कर्मचारियों को प्रभावित किया है।

जानकारी के अनुसार, Meta ने अपने कुल वर्कफोर्स का लगभग 10% यानी करीब 8,000 कर्मचारियों को हटाने का फैसला किया है, साथ ही हजारों नई भर्तियों पर भी रोक लगा दी गई है। कंपनी का कहना है कि वह आने वाले समय में AI और ऑटोमेशन पर अधिक ध्यान देना चाहती है, जिससे कई पारंपरिक भूमिकाएं अब कम जरूरी हो गई हैं।

वहीं Microsoft ने भी अपने कर्मचारियों की संख्या कम करने के लिए स्वैच्छिक रिटायरमेंट (Voluntary Retirement) जैसे विकल्प पेश किए हैं, जिससे लगभग 8,700 से ज्यादा कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। कंपनी का फोकस भी AI इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों पर निवेश बढ़ाने पर है, जिसके चलते लागत में कटौती जरूरी हो गई है।

Oracle की बात करें तो कंपनी पहले ही हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है, जिसमें भारत भी प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oracle ने करीब 12,000 नौकरियां कम की हैं और यह कदम उसके बड़े AI और क्लाउड निवेश से जुड़ा हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह छंटनी केवल आर्थिक दबाव का परिणाम नहीं है, बल्कि टेक इंडस्ट्री के बदलते स्वरूप को भी दर्शाती है। AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कई कंपनियां अब कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम करने में सक्षम हो रही हैं। यही वजह है कि पारंपरिक जॉब रोल्स धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं और उनकी जगह ऑटोमेशन ले रहा है।

रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि 2026 में अब तक हजारों टेक कर्मचारियों की नौकरियां जा चुकी हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। इससे न केवल वैश्विक रोजगार बाजार प्रभावित हो रहा है, बल्कि युवाओं के करियर विकल्पों पर भी इसका असर पड़ रहा है।

कुल मिलाकर, Meta, Microsoft और Oracle जैसे दिग्गजों की यह रणनीति साफ संकेत देती है कि आने वाला दौर AI-ड्रिवन होगा, जहां कंपनियां दक्षता और तकनीकी क्षमता को प्राथमिकता देंगी, भले ही इसके लिए बड़े पैमाने पर नौकरी कटौती करनी पड़े।

Exit mobile version