देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार सहित कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के लिए बारिश, गरज के साथ छींटे पड़ने और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके साथ ही जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी समस्याओं की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है, जबकि बिहार के कई हिस्सों में लगातार वर्षा के चलते नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि कुछ स्थानों पर अल्प समय में अत्यधिक वर्षा हो सकती है, जिससे शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बना रहेगा। लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। IMD ने कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और भूस्खलन, अचानक बाढ़ तथा पहाड़ी मार्गों के बाधित होने की आशंका जताई है। लगातार बारिश के कारण कुछ जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद रखने का निर्णय भी लिया गया है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों से मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम, पूर्व और मध्य भारत में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। इसका असर सड़क और रेल यातायात पर भी पड़ सकता है। प्रशासनिक एजेंसियों को संभावित आपदा से निपटने के लिए सतर्क रहने और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखें, खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें तथा आवश्यकता पड़ने पर ही यात्रा करें। किसानों को भी फसल और कृषि कार्यों की योजना मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार बनाने की सलाह दी गई है। यदि मानसून की मौजूदा सक्रियता जारी रहती है तो आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज होने की संभावना है, हालांकि इसके साथ बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं।
