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यूपी से दिल्ली-NCR तक बारिश का अलर्ट, अगले 24 घंटे में कई राज्यों में भारी बरसात की चेतावनी

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20 अगस्त को देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मानसून की सक्रियता और उत्तर व मध्य भारत के ऊपर बने मौसम तंत्र के कारण कई राज्यों में बारिश तेज होने की संभावना है। एक ओर दिल्ली-NCR में बादल और बारिश का दौर बना हुआ है, वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम की यह स्थिति केवल एक-दो राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, पहले सक्रिय डिप्रेशन सिस्टम 19 अगस्त की सुबह कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया। यह मौसम तंत्र दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से गुजरते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मानसूनी ट्रफ भी सक्रिय है। इन दोनों सिस्टम के संयुक्त असर से उत्तर और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। यही वजह है कि कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश में बारिश को लेकर खास सतर्कता बरतने की जरूरत है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। लगातार बारिश होने पर छोटे नालों और नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरों में रहने वाले लोगों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की जरूरत है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। इन राज्यों के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है, जबकि छत्तीसगढ़ में भी मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। भारी बारिश का असर सड़क यातायात और सामान्य जनजीवन पर पड़ सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां पहले से बारिश के कारण जलभराव या नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।

राजधानी दिल्ली और NCR के लोगों के लिए भी मौसम ने करवट ले ली है। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर तेज बारिश के दौर की संभावना बनी हुई है। गरज-चमक के साथ बारिश होने से तापमान और उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन तेज बारिश के दौरान दिल्ली-NCR के निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या भी सामने आ सकती है।

पहाड़ी राज्यों में बारिश पहले से ही चुनौती बनी हुई है और 20 अगस्त को भी हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के कई इलाकों में मौसम खराब रह सकता है। लगातार बारिश से भूस्खलन, सड़कें बाधित होने और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा प्रभावित होने का खतरा बना रहता है। खासतौर पर पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले लोगों को मौसम की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह को ध्यान में रखकर ही यात्रा की योजना बनाने की जरूरत है।

मौसम की यह स्थिति केवल बारिश तक सीमित नहीं है। कई स्थानों पर तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। इसलिए बारिश के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। तेज बारिश के समय वाहन चलाते वक्त भी अतिरिक्त सावधानी जरूरी है, क्योंकि दृश्यता कम होने और सड़कों पर पानी भरने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर दैनिक जीवन पर पड़ सकता है। शहरों में जलभराव के कारण ट्रैफिक धीमा पड़ सकता है, जबकि ग्रामीण और नदी किनारे के इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका रहती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क बाधित हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के लिए भी मौसम की बदलती स्थिति पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर 20 अगस्त को यूपी, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली-NCR, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। कम दबाव का क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं। आने वाले घंटों में कई जगहों पर मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए लोगों को अनावश्यक रूप से जलभराव वाले या जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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