सितंबर के आखिरी दिनों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने 28 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक का पूर्वानुमान जारी किया है। मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है, लेकिन इसके प्रभाव से आसपास के इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। राज्य में बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की भी संभावना है। लगातार बारिश वाले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
बिहार में भी 28 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा झारखंड और ओडिशा में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। मौसम की यह सक्रियता आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में बनी रह सकती है।
उत्तर भारत की बात करें तो उत्तराखंड में व्यापक बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में भी कई जगह बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए यात्रियों को स्थानीय मौसम और सड़क संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-NCR में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक होने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में कुछ राहत मिल सकती है, हालांकि बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक की परेशानी देखने को मिल सकती है।
मध्य भारत में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का असर बना रहेगा। असम और मेघालय में 28 से 30 सितंबर के दौरान गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है।
महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में भी तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच भारी बारिश के आसार जताए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और आसपास बने मौसम तंत्रों के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। कम दबाव के क्षेत्र के आगे बढ़ने के साथ कुछ इलाकों में बारिश तेज हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह धीरे-धीरे कमजोर भी पड़ सकती है। ऐसे में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
