मुंबई के भुलेश्वर इलाके में गणपति बप्पा के आगमन समारोह के दौरान शनिवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। ‘भुलेश्वरचा राजा’ की करीब 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा जुलूस के दौरान अचानक गिर गई। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना रात करीब 10 बजे डॉ. आत्माराम मर्चेंट रोड, कबूतरखाना और जय अंबे चौक के पास हुई।
बताया जा रहा है कि गणेश प्रतिमा को भायखला से भुलेश्वर स्थित मंडप की ओर ले जाया जा रहा था। मंडप से कुछ ही दूरी पहले अचानक प्रतिमा का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गई। प्रतिमा के गिरते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की चपेट में कई लोग आ गए और कुछ लोग मूर्ति के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और राहत दलों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।
इस दुर्घटना में गणेश मंडल के अध्यक्ष संकेत नेवशे और पदाधिकारी बृजेश जोशी की जान चली गई। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में 5 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
प्रतिमा गिरने की वजह को लेकर शुरुआती जानकारी में सपोर्टिंग सिस्टम, नट-बोल्ट और प्रतिमा को संभालने वाली व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में सपोर्टिंग फ्रेम के नट-बोल्ट में समस्या की बात सामने आई है, जबकि अन्य स्थानीय रिपोर्टों में क्रेन की क्षमता और उसकी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसलिए हादसे की वास्तविक वजह की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से कुछ समय पहले तक गणेश प्रतिमा को लेकर आगमन यात्रा सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी। बताया गया है कि मंडप के पास पहुंचने से कुछ ही समय पहले स्थिति अचानक बिगड़ गई। कुछ स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, प्रतिमा गिरने से पहले उसके गले में लगा हार भी नीचे गिरा और इसके बाद प्रतिमा हिलती हुई नजर आई। हालांकि इन घटनाक्रमों की पूरी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
यह हादसा गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच हुआ है और इससे बड़े आकार की गणेश प्रतिमाओं को सड़क पर ले जाने के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। 22 फीट से अधिक ऊंची प्रतिमा को क्रेन और अन्य उपकरणों की मदद से ले जाया जा रहा था। इतनी बड़ी और भारी प्रतिमा के परिवहन के दौरान संतुलन, सपोर्टिंग फ्रेम, क्रेन की क्षमता और भीड़ से पर्याप्त दूरी बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
मुंबई पुलिस ने घटना के बाद मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के कारणों की जांच की जाएगी और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। प्रतिमा के गिरने से हुए नुकसान और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस घटना ने गणेश मंडलों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है। मुंबई में गणेश प्रतिमाओं के आगमन और विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और मंडल के कार्यकर्ता मौजूद रहते हैं। ऐसे में भारी और ऊंची प्रतिमाओं को ले जाते समय सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है। भुलेश्वर की घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि बड़े आकार की प्रतिमाओं के परिवहन और स्थापना के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की पर्याप्त तकनीकी जांच और निगरानी की गई थी या नहीं।
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे में 2 लोगों की मौत और 5 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। गणपति बप्पा के आगमन की खुशी के बीच हुई इस दुर्घटना ने मुंबई के गणेशोत्सव पर दुख की छाया डाल दी है। हादसे की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतिमा अचानक क्यों गिरी और इसके लिए किसी तकनीकी खराबी, उपकरण की विफलता या मानवीय लापरवाही में से कौन-सा कारण जिम्मेदार था।
